हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा में 8,399.31 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश, जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
रांची, 07 अगस्त। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राजनीतिक गर्माहट अपने चरम पर रही। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया। लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया।
प्रस्तुत अनुपूरक बजट का कुल आकार 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये रखा गया है। हंगामे के बावजूद सरकार ने निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बजट पेश करने की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे तथा जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाते रहे।
विधानसभा में बजट पेश किए जाने के दौरान सदन का माहौल काफी शोरगुलपूर्ण रहा। विपक्ष का आरोप था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही शिकायतों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। विपक्ष ने सरकार से इस मामले में पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
इधर, सरकार ने वित्तीय कार्यों की निरंतरता बनाए रखते हुए अनुपूरक बजट को सदन के समक्ष रखा। यह अनुपूरक बजट चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं, विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों तथा प्रशासनिक व्यय के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से लाया गया है। बजट की विस्तृत मांगों पर आगामी दिनों में विधानसभा में चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त राशि के उपयोग पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र के दौरान रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य तथा विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सदन में छाए रहने की संभावना है। ऐसे में आगामी दिनों की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
झारखंड विधानसभा का यह सत्र एक ओर जहां राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं को तय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार को युवाओं, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर लगातार घेरने की रणनीति पर कायम दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में अनुपूरक बजट पर चर्चा के साथ-साथ विपक्ष और सरकार के बीच इन मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
Reviewed by PSA Live News
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9:25:00 pm
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