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बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उतरे अशोक मेहता, बोले—कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए कांग्रेस मजबूती से लड़ेगी

एग्री डिस्कॉम, पैरेलल लाइसेंस और बिजली के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का आंदोलन तेज, 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल का ऐलान


हरियाणा/हिसार, राजेश सलूजा। 
नारायणगढ़ बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर चलाए जा रहे धरना-प्रदर्शन को उस समय राजनीतिक समर्थन मिला, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक मेहता धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत बिजली कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तारपूर्वक सुना तथा उनके संघर्ष में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

धरना स्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अशोक मेहता ने कहा कि कांग्रेस सदैव कर्मचारियों के अधिकारों और हितों के साथ खड़ी रही है और आगे भी कर्मचारियों की जायज मांगों की लड़ाई में उनका साथ देती रहेगी। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी और खराब मौसम की परिस्थितियों में भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की समस्याओं और कार्य परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकार और विभाग को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।

निजीकरण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की तैयारी

धरने के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से अशोक मेहता को अवगत करवाया। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

गौरतलब है कि एग्री डिस्कॉम, पैरेलल लाइसेंस, स्मार्ट मीटरिंग और बिजली क्षेत्र में निजीकरण के प्रस्तावों के विरोध में बिजली विभाग का इंजीनियर एवं कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने की तैयारी में है। कर्मचारियों ने 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को हड़ताल करने का ऐलान किया है।

राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार हरियाणा के विभिन्न जिलों एवं सर्कल स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्तों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद यूनिट स्तर पर तीन दिवसीय धरना और फिर सब-यूनिट स्तर पर भी तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

एग्री डिस्कॉम और पैरेलल लाइसेंस को लेकर कर्मचारियों में रोष

सभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित हरियाणा एग्री डिस्कॉम, गुरुग्राम एवं नूंह में पैरेलल लाइसेंस और स्मार्ट मीटरिंग को बिजली क्षेत्र के निजीकरण की एक ही प्रक्रिया की कड़ी बताया। नेताओं का आरोप है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से सार्वजनिक बिजली वितरण व्यवस्था को कमजोर कर निजी कंपनियों के लिए रास्ता तैयार कर रही है।

यूनियन नेताओं के अनुसार इसका सीधा असर बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ किसानों और आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि एग्री डिस्कॉम के गठन से कृषि उपभोक्ताओं को अलग किए जाने की स्थिति में सरकारी बिजली निगमों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने यह भी कहा कि पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था लागू होने पर निजी कंपनियां लाभ वाले औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दे सकती हैं, जबकि ग्रामीण और घाटे वाले क्षेत्रों की जिम्मेदारी सरकारी बिजली निगमों पर रह सकती है। इससे सरकारी निगमों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और भविष्य में बिजली वितरण के व्यापक निजीकरण का रास्ता खुलने की आशंका है।

कर्मचारियों ने एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का किया आह्वान

कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन (सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) के सब-यूनिट प्रधान कृष्ण पंडित बड़ागांव ने की, जबकि मंच का संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन के सब-यूनिट प्रधान राजेश धीमान हमीदपुर ने किया।

सभा को ब्लॉक समिति चेयरमैन नीरज शाहपुर सहित विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक नियंत्रण में बनाए रखने तथा कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर अरुण कुमार, नारायणगढ़ ब्लॉक सेक्रेटरी सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, चरण सिंह गुज्जर, रमेश डांग, सरदार बलकार सिंह सैनी, धर्मवीर सिंह नागरा, पंकज शर्मा, कमलजीत सिंह सैनी, परषोतम लाल, करणबीर सिंह, कर्म सिंह पुनिया, वीरेंदर सिंह, सचिन अग्रवाल, कमलकांत शर्मा सहित अनेक कर्मचारी नेता मौजूद रहे। एचएसईबी वर्कर यूनियन से सर्कल सचिव सतबीर देशवाल ने भी विशेष रूप से शिरकत की।

यूनिट नारायणगढ़ से युवा नेता सप्पटर सिंह गुज्जर, पूर्व सचिव सुदेश सैनी, जेई बलविंदर सिंह गुज्जर, जेई सचिव रंजीत सिंह, विनय कुमार, प्रवेश कुमार, सतिंदर वालिया, पुष्पक शर्मा, नवीन कुमार, मनप्रीत सिंह, राहुल कुमार, बिंटू सैनी, मोनू, सुरेंद्र कुमार, संजय कुमार, योगेश कुमार समेत बड़ी संख्या में बिजली विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों की मांगों पर सरकार से तत्काल बातचीत की मांग

धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि बिजली क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ गंभीर एवं सकारात्मक बातचीत की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े फैसलों में कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक मेहता ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों और अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को टकराव की स्थिति में ले जाने के बजाय कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकाला जाए।

बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उतरे अशोक मेहता, बोले—कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए कांग्रेस मजबूती से लड़ेगी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उतरे अशोक मेहता, बोले—कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए कांग्रेस मजबूती से लड़ेगी Reviewed by PSA Live News on 8:09:00 pm Rating: 5

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