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कंडेला खाप के सामाजिक सरोकारों से जुड़े निर्णय स्वागतयोग्य : सुरेश गोयल धूप वाला

नशा, दहेज, मृत्यु भोज और सोशल मीडिया पर अश्लीलता के खिलाफ जनजागरण को बताया समय की जरूरत


हिसार/हरियाणा।
भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सुरेश गोयल धूप वाला ने कंडेला खाप की 23 खापों की महापंचायत में सामाजिक मुद्दों को लेकर पारित प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने खड़ी विभिन्न सामाजिक बुराइयों और चुनौतियों पर गंभीर मंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, दहेज प्रथा, सामाजिक कुरीतियों, इंटरनेट मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता तथा पारिवारिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों में आ रहे बदलाव को लेकर समाज के सभी वर्गों को मिलकर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

जारी प्रेस वक्तव्य में सुरेश गोयल ने कहा कि कंडेला खाप की महापंचायत में नशे के खिलाफ गांव-गांव समितियों के गठन, दहेज प्रथा एवं मृत्यु भोज जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने तथा सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लील सामग्री को लेकर चिंता व्यक्त किया जाना समाजहित में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि केवल प्रस्ताव पारित करने से ही सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं होगा, बल्कि इन विषयों पर गांवों और कस्बों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे और नकारात्मक इंटरनेट मीडिया सामग्री से बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और पंचायतों को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरण जरूरी है।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक प्रयास जरूरी

सुरेश गोयल ने कहा कि दहेज प्रथा और मृत्यु भोज जैसी परंपराएं कई परिवारों पर आर्थिक एवं सामाजिक दबाव डालती हैं। ऐसे मामलों में समाज को सामूहिक रूप से आगे आकर सरल विवाह, दहेज-मुक्त विवाह और अनावश्यक सामाजिक खर्चों को कम करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक सुधार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ गांव स्तर पर समितियां गठित करने का निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह परिवार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। इसलिए पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है।

विवाह और सामाजिक परंपराओं पर भी हुई चर्चा

गोयल ने कहा कि महापंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप, समलैंगिक संबंधों तथा एक ही गांव अथवा पड़ोसी गांव में विवाह को लेकर भी प्रस्ताव पारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव खाप प्रतिनिधियों के सामाजिक दृष्टिकोण और पारंपरिक मान्यताओं को सामने रखते हैं। उन्होंने कहा कि समगोत्र विवाह के विषय में भी खापें लंबे समय से अपना मत व्यक्त करती रही हैं।

उन्होंने कहा कि विवाह जैसे विषयों पर समाज में विचार-विमर्श करते समय संविधान, कानून, व्यक्तिगत अधिकारों तथा सामाजिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। सामाजिक संस्थाओं को संवाद और जागरूकता के माध्यम से अपनी बात रखने के साथ-साथ देश के कानून और संवैधानिक व्यवस्था का भी सम्मान करना चाहिए।

आधुनिकता के साथ संस्कारों को बचाना जरूरी

सुरेश गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति परिवर्तन की विरोधी नहीं रही है। समय के साथ समाज में अनेक बदलाव आए हैं और आवश्यकता पड़ने पर समाज सुधारकों ने कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाकर नई दिशा भी दिखाई है। इसलिए आज भी आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक सोच और तकनीकी विकास को अपनाते हुए भारतीय जीवन-मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्वों को मजबूत रखा जाए।

उन्होंने कहा कि समाज में स्वस्थ संवाद, आपसी सम्मान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना समय की मांग है। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सशक्त परिवार, नशामुक्त युवा, दहेज-मुक्त समाज और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना ही स्वस्थ एवं समरस समाज की नींव रख सकती है। कंडेला खाप की महापंचायत में उठाए गए सामाजिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो और समाज के विभिन्न वर्ग मिलकर इनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, यही इन प्रयासों की सार्थकता होगी।

कंडेला खाप के सामाजिक सरोकारों से जुड़े निर्णय स्वागतयोग्य : सुरेश गोयल धूप वाला कंडेला खाप के सामाजिक सरोकारों से जुड़े निर्णय स्वागतयोग्य : सुरेश गोयल धूप वाला Reviewed by PSA Live News on 2:41:00 pm Rating: 5

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