ब्लॉग खोजें

कामिका एकादशी पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

वैदिक मंत्रोच्चार, विष्णु सहस्त्रनाम और ‘गोविंदा-गोविंदा’ के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर, हजारों श्रद्धालुओं ने किए श्रीनिवास भगवान के दर्शन


रांची, 9 अगस्त 2026। 
झारखंड प्रदेश के इकलौते दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्री तिरुपति बालाजी), राणी सती मंदिर लेन, रातू रोड, रांची में रविवार को श्रावण कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी का व्रत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ वैदिक विधि-विधान एवं पांचरात्र आगम शास्त्र के अनुसार मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष पूजा-अर्चना, आरती, मंत्रोच्चार एवं स्तुति का आयोजन हुआ। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही।

कामिका एकादशी के पावन अवसर पर प्रातःकाल भगवान के विश्वविराट् स्वरूप के दर्शन, सुप्रभातम्, मंगलाशासनम्, करावलंबम् एवं वेंकटेश प्रपत्ति सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसके बाद षोडशोपचार विधि एवं पांचरात्र आगम शास्त्र के अनुसार भगवान श्रीनिवास का तिरूवाराधनम् किया गया।

इसके पश्चात देवशिरोमणि भगवान पद्मावती वल्लभ श्रीश्रीनिवास भगवान की नक्षत्र, कुंभ एवं कपूर की बाती से भव्य महाआरती की गई। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक स्तोत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महाआरती के बाद फलाहारी व्यंजनों का बालभोग नैवेद्य अर्पित किया गया। पुनः आरती के उपरांत मंत्रपुष्प के दौरान वेदध्वनियों एवं स्तोत्रों के मधुर गायन के साथ भगवान की स्तुति की गई।

धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में तदियाराधन, गोष्ठी, शठारी एवं तीर्थ की परंपरागत विधियां भी संपन्न हुईं। इसके बाद मासिक अर्चना का आयोजन किया गया।

पट खुलते ही उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रातः लगभग 7 बजे आरती के समय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के गोपुरम द्वार खोले गए। पट खुलते ही भक्तों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। देखते ही देखते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। भक्तों के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

“श्रीनिवासा गोविंदा... श्रीवेंकटेशा गोविंदा... वेंकटरमणा गोविंदा... भवभय हरणा गोविंदा...” के सामूहिक जयघोष ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान श्रीमन्नारायण एवं भगवती महालक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना और दर्शन करते रहे।

दिनभर भगवान की विशेष अर्चना कराने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। मंदिर परिसर में श्री विष्णु सहस्त्रनाम अर्चना के मंत्रों की गूंज भी लगातार सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीनिवास और भगवती महालक्ष्मी का पूजन कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

अर्चकों ने विधि-विधान से संपन्न कराए अनुष्ठान

मंदिर के अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी ने आपसी समन्वय के साथ कामिका एकादशी के सभी धार्मिक अनुष्ठानों को वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया।

मंदिर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में भगवान श्रीनिवास के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। भक्तों ने एकादशी व्रत के धार्मिक महत्व के अनुरूप भगवान की आराधना कर पुण्य एवं आध्यात्मिक शांति की कामना की।

हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना

कामिका एकादशी के इस विशेष धार्मिक आयोजन में प्रमुख रूप से राम अवतार नरसरिया, प्रदीप नरसरिया, रामवृक्ष साहू, रंजन सिंह, महावीर प्रसाद नरसरिया, राजेश सुल्तानिया, ओमप्रकाश गारोदिया, डॉ. अमरनाथ पाठक, अभिषेक सिंह, धनंजय सिंह, राजेश तिवारी, मिंटू प्रसाद, दीपू श्रीवास्तव एवं प्रदीप मोदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त रांची एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु भक्तों ने भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना कर अपने मनोवांछित वर, सुख-शांति, आरोग्य एवं समृद्धि की प्रार्थना की।

कामिका एकादशी के अवसर पर मंदिर में सुबह से लेकर दिनभर तक चले धार्मिक आयोजनों ने रातू रोड क्षेत्र को पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया। भगवान श्रीनिवास के जयघोष, वेद मंत्रों और विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर रहा।

श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अद्भुत संगम के बीच कामिका एकादशी का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक एवं अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

कामिका एकादशी पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब कामिका एकादशी पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब Reviewed by PSA Live News on 10:21:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.