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सचिवालय में मीडिया की नो-एंट्री पर भड़का 'जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया', सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख की पुनर्विचार की मांग


रांची: झारखंड के प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) और अन्य प्रमुख सरकारी कार्यालयों में पत्रकारों के प्रवेश पर लग रही रोक और कड़े प्रतिबंधों को लेकर पत्रकार संगठन 'जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया' (JCI) ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी सह झारखंड प्रभारी अशोक कुमार झा ने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रवेश व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार करने और पारदर्शी गाइडलाइन जारी करने की मांग की है।

"सुरक्षा से समझौता नहीं, पर प्रेस रिलीज तक सीमित पत्रकारिता मंजूर नहीं" मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजे गए पत्र में जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि संगठन सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ नहीं है और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश नियंत्रण का सम्मान करता है। लेकिन सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों की सामान्य आवाजाही और अधिकारियों से सीधा संवाद रोकना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।

संगठन का कहना है कि पत्रकारिता सिर्फ सरकार की सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों (Press Release) को छापना नहीं है, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत, जन-प्रतिक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों की पड़ताल करना है। यदि पत्रकारों को केवल आधिकारिक बयानों तक सीमित कर दिया जाएगा, तो जनता तक केवल एकतरफा सच पहुंचेगा।

JCI की 10 प्रमुख मांगें:

  • पारदर्शी प्रवेश नीति: प्रोजेक्ट भवन एवं अन्य कार्यालयों में मीडिया प्रवेश से संबंधित नियमों और प्रतिबंधों की लिखित गाइडलाइन जारी की जाए।
  • मीडिया पास व्यवस्था: मान्यता प्राप्त और नियमित बीट कवर करने वाले पत्रकारों के लिए सुगम प्रवेश पास सुनिश्चित किया जाए।
  • प्रतिबंधित क्षेत्रों का चिह्नांकन: सुरक्षा कारणों से जिन क्षेत्रों में प्रवेश वर्जित है, उन्हें स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए, बाकी जगह सामान्य रिपोर्टिंग की छूट हो।
  • व्यक्तिगत अनुमति का झंझट खत्म हो: समाचार संकलन और अधिकारियों से संवाद के लिए पत्रकारों को बार-बार व्यक्तिगत अनुमति पर निर्भर न रहना पड़े।
  • संवाद और समीक्षा: सुरक्षा एजेंसियों, सरकार और पत्रकार संगठनों (JCI) के प्रतिनिधियों के बीच बैठक कर इस विवाद का सर्वमान्य समाधान निकाला जाए।
  • सम्मानजनक व्यवहार: सुरक्षा जांच के दौरान पत्रकारों के साथ सम्मानजनक और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने के आदेश दिए जाएं।

"सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता विरोधी नहीं" अशोक कुमार झा ने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्वतंत्र पत्रकारिता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। दोनों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है। JCI ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनता के जानने के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए इस विषय पर सकारात्मक कदम उठाया जाए।

सचिवालय में मीडिया की नो-एंट्री पर भड़का 'जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया', सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख की पुनर्विचार की मांग सचिवालय में मीडिया की नो-एंट्री पर भड़का 'जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया', सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख की पुनर्विचार की मांग Reviewed by PSA Live News on 6:04:00 pm Rating: 5

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