बिहार में सामाजिक सुरक्षा का नया ऐतिहासिक अध्याय: मधुबनी जिला पूरे राज्य में बना नंबर-वन, 5.25 लाख से अधिक पेंशनधारियों के खातों में 59.20 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी से हस्तांतरित
मधुबनी: बिहार में सामाजिक न्याय, जनकल्याण और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े ज़रूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने की दिशा में एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है। राज्य की राजधानी पटना में आयोजित एक भव्य एवं ऐतिहासिक राज्यस्तरीय समारोह के दौरान बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा अपने कर-कमलों से प्रदेश भर के लाखों सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पेंशन की राशि का सीधे हस्तांतरण किया गया। इस वृहद् अभियान में राज्य के सभी जिलों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया गया, लेकिन इस पूरे महा-अभियान में मधुबनी जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मधुबनी जिले में कुल 5,25,541 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन से आच्छादित किया गया है, जिनके खातों में एक साथ 59,20,88,300 रुपये (उनसठ करोड़ बीस लाख अ्ठासी हजार तीन सौ रुपये) की विशाल धनराशि सीधे अंतरित की गई। लाभुकों की संख्या और कुल अंतरित राशि दोनों ही प्रमुख मानकों में मधुबनी जिला पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर रहा है। यह अभूतपूर्व उपलब्धि जिले में पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध प्रशासनिक कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करती है।
इस विशाल धनराशि का हस्तांतरण जिले के विभिन्न वर्गों के लाचार, असहाय, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। योजनाओं के विस्तृत ब्योरे की बात करें तो अकेले मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत मधुबनी जिले के 2,78,149 वृद्धजनों को 31,82,48,700 रुपये की भारी-भरकम राशि उपलब्ध कराई गई है, जो उन्हें बुढ़ापे के इस पड़ाव पर स्वाभिमान, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने की संबलता प्रदान करेगी। इसी कड़ी में केंद्र प्रायोजित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत जिले के 1,55,773 लाभार्थियों के खातों में 17,15,98,000 रुपये भेजे गए हैं, जिससे जिले के वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा की दोहरी ताकत मिली है। राज्य सरकार ने असहाय महिलाओं और विधवाओं को भी आर्थिक तंगी से उबारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत जिले की 21,285 ज़रूरतमंद महिलाओं को 2,39,13,000 रुपये हस्तांतरित किए गए, जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 33,356 विधवा लाभुकों को 3,71,03,600 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जो उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी एक सम्मानजनक जीवन जीने में पूर्ण सहयोग करेगी।
समाज के विशेष देखभाल वाले वर्ग यानी दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में बनाए रखने और उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए भी ऐतिहासिक राशि जारी की गई है। बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के माध्यम से मधुबनी जिले के 30,505 दिव्यांग लाभुकों के बैंक खातों में कुल 3,40,82,600 रुपये अंतरित किए गए, वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के तहत 6,473 गंभीर रूप से दिव्यांग पेंशनधारियों को 71,42,400 रुपये की पेंशन राशि सीधे उपलब्ध कराई गई है। यह समस्त वित्तीय सहायता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राज्य सरकार की नीतियाँ केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक डिजिटल क्रांति के ज़रिए त्वरित गति से पहुँच रहा है। मधुबनी जिले के 5,25,541 पेंशनधारियों के खातों में एक साथ 59 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का यह अंतरण सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पटना में आयोजित इस मुख्य समारोह में मधुबनी के जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जुड़े रहे। उन्होंने जिले के सभी 5.25 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों एवं उनके परिवारों को इस अवसर पर ढेरों बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की ईश्वर से कामना की। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा समाज के कमज़ोर, वंचित और असहाय वर्गों को सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षा-कवच प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मधुबनी जिले का पूरे प्रदेश में नंबर-वन बनना केवल एक आँकड़ा नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है।
अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश जारी किए कि वे योजनाओं के सुचारू और पारदर्शी क्रियान्वयन को निरंतर बनाए रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि डीबीटी (DBT) प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट न आए और सभी पात्र लाभुकों को हर महीने समय पर उनकी पेंशन राशि उनके खातों में प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जो भी नए पात्र व्यक्ति छूट गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर तुरंत इन योजनाओं से जोड़ा जाए। मधुबनी में एक साथ 5.25 लाख से अधिक लाभुकों के खातों में 59.20 करोड़ रुपये का यह अंतरण राज्य सरकार की संवेदनशीलता, सुशासन और जन-जन के कल्याण के प्रति दृढ़ संकल्पबद्धता को रेखांकित करता है, जिसकी सराहना आज पूरे राज्य भर में हो रही है।
Reviewed by PSA Live News
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6:48:00 am
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