मधुबनी में सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त: डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
मधुबनी : मधुबनी जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने तथा आम नागरिकों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी (डीएम) श्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर मूलभूत जनसुविधाओं की उपलब्धता, वाहनों के निर्धारित मार्गों पर परिचालन और शहर की स्वच्छता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्राप्त फीडबैक और सुझावों के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सदर अस्पताल के सामने अनधिकृत रूप से निजी एंबुलेंस खड़ी किए जाने से लगने वाले जाम और मरीजों को होने वाली असुविधा पर संज्ञान लेते हुए DTO एवं यातायात उपाधीक्षक को दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में 59 सरकारी एंबुलेंस पूरी तरह क्रियाशील हैं। रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुराने बस स्टैंड में जनसुविधाओं के अभाव और गंदगी की समस्या की जांच के लिए DTO, सिविल सर्जन और नगर आयुक्त की एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जो स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन सौंपेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं रहिका और कलुआही क्षेत्रों में टेंपो चालकों से अवैध वसूली की शिकायतों पर साक्ष्य जुटाकर दोषियों पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से पूरे शहरी क्षेत्र को पहले ही आठ जोन में विभाजित कर 1,586 वाहनों के लिए स्टिकर के माध्यम से मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बिना नंबर या स्टिकर के चल रहे वाहनों की शिकायत पर डीएम ने वाहनों की संख्या और क्षमता का पुनर्मूल्यांकन कर रैंडमाइजेशन के आधार पर रूट निर्धारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि अवांछित जाम से राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त, आगामी पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत विशेष ट्रैफिक प्लान, वैकल्पिक मार्ग और प्रमुख स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में साइनेज, स्पीड ब्रेकर और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ-साथ विशेष टीमों द्वारा सघन वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा तथा होर्डिंग्स व नुक्कड़ नाटकों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। शहर को स्वच्छ रखने के लिए रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने के सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने आम लोगों और चालकों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें, शराब पीकर गाड़ी न चलाएं, जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें तथा आपात स्थिति या दुर्घटना होने पर घायलों की मदद कर तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचित करें। नागरिक सतर्कता और यातायात नियमों का अनुपालन ही दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
Reviewed by PSA Live News
on
6:42:00 am
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: