रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में मंगलवार को मनेगा इंदिरा एकादशी व्रतोत्सव; पांचरात्र आगम विधि से होंगे भव्य अनुष्ठान
राँची : राजधानी रांची के रातू रोड स्थित प्रसिद्ध रानी सती मंदिर लेन में स्थापित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (श्रीतिरुपति बालाजी) मंदिर में मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की पावन इंदिरा एकादशी के अवसर पर भव्य व्रतोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष तिथि पर मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और पूर्ण नेम-निष्ठा के साथ सनातन परंपरा के अनुसार धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। इस उत्सव को लेकर मंदिर प्रबंधन एवं स्थानीय श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है।
पांचरात्र आगम विधि से संपन्न होंगे विशेष अनुष्ठान एकादशी व्रतोत्सव के अवसर पर मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत शृंखला आयोजित की गई है। शास्त्रीय परंपरा के तहत पांचरात्र आगम विधि से समस्त पूजन कार्य संपन्न कराए जाएंगे। अनुष्ठान की शुरुआत तड़के प्रातः वंदन से होगी, जिसके उपरांत भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर स्वामी का दिव्य तिरुवाराधनम् (विशेष पूजन एवं श्रृंगार) किया जाएगा। दोपहर में प्रभु को विशेष नैवेद्य भोग अर्पित करने के बाद भव्य महाआरती उतारी जाएगी। संध्या काल में महास्तुति पाठ एवं तदियाराधनम् (महाप्रसाद सेवा) का संपादन होगा। इस दौरान संपूर्ण मंदिर प्रांगण वेद मंत्रों की ध्वनियों और भगवान श्रीहरि के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
इंदिरा एकादशी का शास्त्रीय महत्व और पितृ-मुक्ति का फल सनातन शास्त्रों और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का धर्म-कर्म में विशेष एवं अत्यंत कल्याणकारी महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत और पूजन के प्रभाव से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के बड़े से बड़े पापों का नाश हो जाता है। पितृ पक्ष के दौरान आने के कारण इस एकादशी का महत्व द्विगुणित हो जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि यदि कोई श्रद्धालु अपने उन पितरों के निमित्त यह व्रत समर्पित करता है जो अनजाने में नीच योनि या कष्टप्रद स्थितियों में पड़े हैं, तो भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से उन पितरों को तुरंत सद्गति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भारी भीड़, दर्शन के विशेष प्रबंध श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में प्रत्येक एकादशी पर भक्तों का विशाल समागम होता है। इस इंदिरा एकादशी के पावन अवसर पर भी सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में व्रतधारी महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भक्तगण भगवान तिरुपति बालाजी के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु विशेष अर्चना वंदना करेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा कतारबद्ध दर्शन, सुरक्षा, पेयजल एवं पूजा-अर्चना की सुगम व्यवस्था की गई है ताकि सभी भक्तों को शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो सके।
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7:02:00 am
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