लातेहार के बेतला में जल जीवन मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिए कड़े निर्देश
लातेहार। लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क स्थित सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री श्री योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत संचालित जलापूर्ति योजनाओं की एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के छ: प्रमुख जिलों—लातेहार, गढ़वा, पलामू, गुमला, सिमडेगा एवं लोहरदगा—में चल रही विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं की जिलावार और योजनावार प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान संबंधित जिलों के प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों ने मंत्री के समक्ष योजनाओं की वर्तमान स्थिति, पूर्ण व अपूर्ण कार्य, निर्माण की गति, जलस्रोतों की उपलब्धता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति से जुड़े सभी आंकड़े और वस्तुस्थिति प्रस्तुत की।
समीक्षा के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदकों (ठेकेदारों) द्वारा की जा रही ढिलाई, अपेक्षित प्रगति न होने और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम न किए जाने पर मंत्री श्री योगेन्द्र प्रसाद ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया और अपनी गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिया कि जनकल्याण से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्माण गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जो संवेदक गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं या जानबूझकर काम में देरी कर रहे हैं, उन्हें नियमों के तहत अविलंब ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, जिन योजनाओं में वित्तीय या तकनीकी अनियमितता की आशंका है, वहां तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने जल जीवन मिशन के मूल ध्येय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को उनके घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहकर योजनाओं का नियमित अनुश्रवण और धरातल पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधूरी और लंबित पड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का विशेष निर्देश दिया कि जो योजनाएं पूरी घोषित की जा चुकी हैं, वहां ग्रामीणों को वास्तव में नल से नियमित जल मिल रहा है या नहीं, इसका लगातार फील्ड वेरिफिकेशन किया जाए।
बैठक में मौजूद विभागीय सचिव श्री अबु इमरान ने भी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण आबादी तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली तकनीकी, भूमि संबंधी या संचालनगत समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव (O&M), पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने, जलस्रोतों की सतत उपलब्धता और आधारभूत संरचनाओं की मजबूती से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव श्री अबु इमरान और जल जीवन मिशन के निदेशक श्री शशि रंजन के अलावा लातेहार के उपायुक्त श्री संदीप कुमार, उप विकास आयुक्त श्री सैय्यद रियाज अहमद, तथा सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा एवं पलामू जिलों के उप विकास आयुक्त उपस्थित थे। इनके साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, संबंधित छह जिलों के कार्यपालक अभियंता, तकनीकी पदाधिकारी और निर्माण कार्यों से जुड़े संवेदक भी बैठक में शामिल हुए।
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7:13:00 am
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