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झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तिथि में बड़ा बदलाव: भारत निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 30 नवंबर की अंतिम प्रकाशन की तारीख


रांची:
झारखंड में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के आम नागरिकों, नए मतदाताओं और चुनाव कार्य में जुटे प्रशासनिक अमले की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख को एक बार फिर से विस्तारित कर दिया है। अब राज्य में अंतिम और अद्यतन मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर को किया जाएगा। इससे पहले आयोग ने इसके लिए 7 अक्टूबर की समय-सीमा तय की थी, जिसे बाद में समीक्षा के बाद बढ़ाकर 19 अक्टूबर किया गया था। अब कार्य की व्यापकता और शत-प्रतिशत त्रुटिरहित वोटर लिस्ट तैयार करने के उद्देश्य से इसे अंतिम रूप से 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग का यह निर्णय राज्य के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में मतदाता विवरणों के सटीक सत्यापन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए जा रहे भौतिक सत्यापन में कई व्यावहारिक चुनौतियाँ और समय की आवश्यकता सामने आ रही थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, कई स्थानों पर पते के बदलाव, मृत मतदाताओं के नाम हटाने, दोहरी प्रविष्टियों (Duplicate Entries) को छांटने और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं का नाम जोड़ने के काम में अतिरिक्त समय की दरकार थी। आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि मतदाता सूची इतनी पारदर्शी और शुद्ध होनी चाहिए कि किसी भी पात्र नागरिक को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े।

नवीनतम और स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार, निर्वाचन प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का खाका तैयार किया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत पहले एवं दूसरे नोटिस के निष्पादन तथा मैपिंग का कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पश्चात, आम जनता और राजनीतिक दलों की ओर से प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का विधिवत निस्तारण 23 नवंबर तक किया जाएगा। दावों के निपटारे के बाद, 24 नवंबर से 29 नवंबर के बीच मतदाता सूची के डेटा मानकों की गहन जांच, डेटाबेस का अपडेशन और मुद्रण (प्रिंटिंग) की अनुमति संबंधी प्रक्रियाएं संपन्न की जाएंगी। इन सभी चरणों को सफलता पूर्वक पूरा करते हुए 30 नवंबर को राज्य भर में अंतिम मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन कर दिया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी 24 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEO), निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (AERO) को नए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। प्रशासन को स्पष्ट तौर पर हिदायत दी गई है कि इस विस्तारित समयावधि का उपयोग शत-प्रतिशत पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण के लिए किया जाए। सभी बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित पड़े फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने हेतु), फॉर्म-7 (नाम हटाने या आपत्ति हेतु) और फॉर्म-8 (संशोधन या स्थान परिवर्तन हेतु) का त्वरित और निष्पक्ष ढंग से निस्तारण करें।

समय-सीमा में हुए इस विस्तार से उन नागरिकों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में अपने दस्तावेज जमा नहीं कर पाए थे। अब आम नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप (Voter Helpline App) और राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) के माध्यम से भी अपनी प्रविष्टियों की जांच कर सकते हैं। इसके साथ ही, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को भी मतदाता सूची के प्रारूप का बारीकी से अध्ययन करने और आवश्यक सुधार हेतु अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।

झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तिथि में बड़ा बदलाव: भारत निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 30 नवंबर की अंतिम प्रकाशन की तारीख झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तिथि में बड़ा बदलाव: भारत निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 30 नवंबर की अंतिम प्रकाशन की तारीख Reviewed by PSA Live News on 9:56:00 am Rating: 5

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