अंधराठाढ़ी-झंझारपुर के बीच संपर्क को मिलेगी मजबूती, क्षेत्र के विकास को लगेगा पंख: संजय झा
विशेष रिपोर्ट: ब्यूरो प्रमुख - आलोक कुमार झा।
पटना/मधुबनी । मधुबनी जिले को एक और बड़ी अधोसंरचना सौगात मिली है। राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कमला बलान नदी पर बहुप्रतीक्षित आरसीसी पुल और पहुंच पथ के निर्माण की ₹154.12 करोड़ (154 करोड़ 12 लाख 53 हजार रुपये) की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के पूर्ण होने पर झंझारपुर प्रखंड के खैरा घाट (पश्चिमी तटबंध) और अंधराठाढ़ी प्रखंड के भदुआर घाट (पूर्वी तटबंध) के बीच वर्षों से बाधित आवागमन का रास्ता सुलभ हो जाएगा।
इस 39x24 मीटर के उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के साथ-साथ दोनों छोरों पर पहुंच पथ का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार आएगा।
राज्यसभा सांसद संजय झा ने जताई प्रसन्नता, मुख्यमंत्री का जताया आभार
राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—
“मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि मधुबनी जिला अंतर्गत झंझारपुर प्रखंड के खैरा घाट और अंधराठाढ़ी प्रखंड के भदुआर घाट के बीच कमला नदी पर आरसीसी पुल एवं पहुँच पथ की ₹154 करोड़ 12 लाख 53 हजार रुपये की योजना को आज माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है। यह पुल दोनों प्रखंडों के लाखों लोगों के लिए सुविधा और विकास का नया द्वार खोलेगा। मैं झंझारपुर और अंधराठाढ़ी प्रखंड के निवासियों की ओर से माननीय मुख्यमंत्री जी का कोटिशः आभार एवं अभिनंदन करता हूँ।”
सांसद ने इसे न केवल भौगोलिक बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास के लिहाज से भी गेम चेंजर बताया।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगा आवागमन और विकास का तोहफा
वर्तमान में कमला बलान नदी पर पुल न होने के कारण दोनों तटों के बीच लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, खासकर मानसून के मौसम में यह यात्रा अत्यंत कठिन हो जाती है। किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस पुल के निर्माण से आवागमन सहज होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
यह पुल झंझारपुर और अंधराठाढ़ी जैसे दो महत्वपूर्ण प्रखंडों को सीधा जोड़ेगा, जिससे न केवल दूरी घटेगी बल्कि आपसी संपर्क और विकास की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा।
राज्य सरकार की समर्पित विकास नीति को मिलेगा और बल
बिहार सरकार की 'हर गाँव को सड़क से जोड़ने' की नीति के अंतर्गत यह परियोजना न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि आपदा के समय भी राहत कार्यों की रफ्तार को कई गुना बढ़ाएगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी ने कहा कि—
“पुल निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता हमारी प्राथमिकता होगी। तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।”
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में उत्साह की लहर
जैसे ही यह निर्णय सार्वजनिक हुआ, अंधराठाढ़ी और झंझारपुर क्षेत्रों में हर्ष की लहर दौड़ गई। यह पुल पिछले कई वर्षों से क्षेत्रीय जनता की प्राथमिक मांग रही है, जो अब साकार रूप लेने जा रही है। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और समाजसेवियों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए इसे “विकास का प्रवेश द्वार” बताया।
एक पुल, जो जोड़ेगा दिल और दूरी दोनों
कमला बलान नदी पर बनने वाला यह पुल केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा। यह परियोजना न सिर्फ मधुबनी के दो प्रखंडों को जोड़ेगी, बल्कि एक पूरे भूगोल और समुदाय को समृद्धि की ओर अग्रसर करेगी।

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