अयोध्या ने फिर रचा इतिहास: दीपों की अद्भुत ज्योति से जगमगाई नगरी, बना विश्व रिकॉर्ड — 26 लाख से अधिक दीपों से सजी राम की नगरी
अयोध्या, 20 अक्टूबर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की अलौकिक रौशनी में नहाई। आज 9वें दीपोत्सव के अवसर पर पूरी नगरी स्वर्णिम ज्योति से दमक उठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव-2025 का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरयू तट पर आस्था, अध्यात्म और भव्यता का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।
इस वर्ष दीपोत्सव ने इतिहास रच दिया — अयोध्या ने एक नहीं, बल्कि दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए।
पहला विश्व रिकॉर्ड — 26,17,215 दीपों की सामूहिक जगमगाहट
राम की पैड़ी पर और उसके आसपास 26 लाख 17 हजार 215 मिट्टी के दीपक एक साथ जलाए गए। ये सभी दीप आस्था की ज्योति और रामभक्ति के प्रतीक बने।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक रिचर्ड स्टेनिंग ने मौके पर उपस्थित होकर कहा:
“आज हमने एक अद्भुत दृश्य देखा। 26,17,215 तेल के दीये एक साथ जलाए गए — यह अब आधिकारिक तौर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। हर वर्ष यह संख्या बढ़ती जा रही है। यहां आकर मुझे सम्मान महसूस हो रहा है। यह वाकई अविश्वसनीय और शानदार आयोजन है।”
दीपों की गिनती ड्रोन तकनीक से की गई। 1100 ड्रोन ने ऊपर से पूरी राम की पैड़ी को रोशन आकाश में कैद किया। लेजर लाइट शो और संगीत के संग यह दृश्य ऐसा था मानो धरती पर साक्षात स्वर्ग उतर आया हो।
दूसरा विश्व रिकॉर्ड — 2128 अर्चकों द्वारा सरयू आरती
राम की पैड़ी पर आयोजित भव्य सरयू महाआरती में 2128 अर्चकों ने एक साथ मंत्रोच्चारण करते हुए भगवान राम की आराधना की। आरती की समवेत ध्वनि और दीपों की आभा से पूरा वातावरण दिव्यता से ओतप्रोत हो उठा।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी निश्चल बरोट ने कहा:
“यह एक भव्य दीपोत्सव था, जिसे आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। 26,17,215 दीपक और 2128 अर्चकों की आरती— यह दुनिया में सबसे अधिक है। हमें इसे प्रमाणित कर खुशी हो रही है कि अयोध्या ने फिर एक नया इतिहास रच दिया।”
अयोध्या की अनुपम छटा — ड्रोन शो और लेजर लाइट से सजा आसमान
दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी से लेकर पूरे अयोध्या धाम तक लेजर लाइट शो, सांस्कृतिक झांकियां, और ड्रोन शो का भव्य आयोजन किया गया।
आकाश में उड़ते ड्रोन ने “जय श्री राम” की आकृति बनाकर पूरा वातावरण राममय कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा —
“अयोध्या अब केवल उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान की आस्था का केंद्र बन चुकी है। यहां हर दीपक में भगवान राम के आदर्शों की ज्योति जल रही है। यह दीपोत्सव अयोध्या की आत्मा और हिंदुस्तान की संस्कृति का प्रतीक है।”
सांस्कृतिक वैभव और जनसागर
अयोध्या में आयोजित इस दीपोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए।
रामकथा पार्क से लेकर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू तट, राम की पैड़ी और नवनिर्मित राम मंदिर परिसर तक दीपों की श्रृंखला ने अयोध्या को स्वर्णमयी बना दिया।
देश के विभिन्न राज्यों की झांकियों, लोकनृत्यों और रामलीला मंचन ने आयोजन को और भी जीवंत कर दिया।
अयोध्या दीपोत्सव का महत्व
2017 में योगी सरकार द्वारा शुरू किया गया यह दीपोत्सव आज विश्व स्तर पर पहचान बना चुका है। हर वर्ष दीपों की संख्या बढ़ती जा रही है, और इस बार यह उत्सव अपने नौवें वर्ष में रिकॉर्ड तोड़ भव्यता के साथ आयोजित हुआ।
अयोध्या की सरयू जब दीपों की रौशनी में नहाई, तो लगा मानो त्रेता युग लौट आया हो।
हर दीप में राम नाम की आस्था थी, हर चेहरे पर भक्ति का प्रकाश।
अयोध्या ने आज फिर सिद्ध कर दिया कि जहाँ आस्था सच्ची हो, वहाँ इतिहास खुद झुककर प्रणाम करता है।
Reviewed by PSA Live News
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10:44:00 pm
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