राँची। भाई-दूज और चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान, चौधरी बगान (हरमू रोड) में आध्यात्मिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने योग, ज्ञान और शुभ कर्मों की महत्ता पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यमराज की बहन यमुना योगी आत्मा की प्रतीक हैं। योगी आत्माओं की वृतियाँ इतनी सात्विक होती हैं कि स्वयं काल भी उनका सत्कार करता है। ऐसी आत्माएँ स्वेच्छा से शरीर त्यागती हैं और उन्हें मृत्यु का भय नहीं रहता।
पूर्व एजीएम (स्टेट बैंक) सुनील गुप्ता ने कहा कि योगी आत्माएँ अपने ज्ञान और योग की शक्ति से अन्य आत्माओं को भी पवित्रता का टीका लगाकर सर्व बाधाओं से मुक्त कर देती हैं।
डॉ० प्रियंका श्रीवास्तव, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ने कहा कि संसार परिवर्तनशील है और हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है, इसलिए मर्यादित जीवन और सत्कर्मों की आवश्यकता है।
सीए अंजिला गोयनका ने कहा कि आज के समय में जब विश्व बंधुत्व की भावना क्षीण होती जा रही है, तब भाई-बहन जैसी आत्मीय दृष्टि को पुनः स्थापित करना समाज की जरूरत है।
संस्थान की संचालिका, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने भाई-दूज का टीका लगाकर उपस्थित जनों को ईश्वरीय वरदानों से आपूरित किया। उन्होंने बताया कि मस्तक के मध्य भृकुटि स्थल आत्मा का निवास स्थान है, और इसी बिंदु पर ध्यान व योग से मनुष्य काल पर विजय प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने चित्रगुप्त पूजा के रहस्य को समझाते हुए कहा कि मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा किसी साकार देवता के पास नहीं, बल्कि निराकार परमात्मा के पास ही रहता है — वही वास्तविक ‘चित्रगुप्त’ हैं। कलियुग के इस अंतकाल में शुभ कर्मों की कलम से जीवन की नयी दिशा लिखना ही सच्ची चित्रगुप्त पूजा है।
कार्यक्रम में राँची के अनेक प्रतिष्ठित नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संस्थान में प्रतिदिन निःशुल्क ज्ञानयोग प्रवचन व प्रशिक्षण प्रातः 7 से 10 बजे और सायं 4 से 7 बजे तक आयोजित होते हैं।
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5:03:00 pm
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