ब्लॉग खोजें

रांची विश्वविद्यालय के आईएलएस में संविदा शिक्षकों को राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने हटाने पर लगाई रोक, बीसीआई और विवि से तलब किया जवाब


रांची।
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) में कार्यरत संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन शिक्षकों को सेवा से हटाने पर अंतरिम रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी शिक्षक को हटाया नहीं जाएगा।

न्यायालय ने रांची विश्वविद्यालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से विस्तृत जवाब तलब किया है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि—

क्या आईएलएस में कार्यरत सभी शिक्षक संविदा पर ही नियुक्त हैं?

यदि हां, तो अब तक स्थायी नियुक्तियां क्यों नहीं की गईं?

नियमित बहाली में देरी के लिए जिम्मेदारी किसकी है—विश्वविद्यालय की या बीसीआई की?

हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षण संस्थानों में लंबे समय तक संविदा व्यवस्था पर निर्भर रहना न तो शिक्षकों के हित में है और न ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिए उचित। कोर्ट ने दोनों पक्षों से स्पष्ट नीति और समयबद्ध कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।

इस मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। तब तक के लिए कोर्ट का अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा और आईएलएस के किसी भी संविदा शिक्षक को हटाया नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि आईएलएस, रांची विश्वविद्यालय का एक प्रमुख विधि शिक्षण संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में छात्र कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की स्थिरता और नियमित नियुक्तियां शिक्षा की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश को न केवल शिक्षकों, बल्कि विद्यार्थियों और शैक्षणिक जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।

रांची विश्वविद्यालय के आईएलएस में संविदा शिक्षकों को राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने हटाने पर लगाई रोक, बीसीआई और विवि से तलब किया जवाब रांची विश्वविद्यालय के आईएलएस में संविदा शिक्षकों को राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने हटाने पर लगाई रोक, बीसीआई और विवि से तलब किया जवाब Reviewed by PSA Live News on 1:18:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.