रांची। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार, 1 फरवरी को दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। विद्या, निर्मल कीर्ति, आरोग्य, दीर्घायु, अक्षय धन, समस्त पापों की मुक्ति तथा स्वर्गलोक की प्राप्ति का पुण्यफल देने वाली पूर्णिमा तिथि पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य आयोजन किया गया।
सुबह प्रातःकाल शंख, चक्र, गदापाणि भगवान श्रीश्रीनिवास का गंध, पुष्प, तुलसी दल, गंगाजल एवं कुंकुम से विधिपूर्वक पूजन प्रारंभ हुआ। विश्वरूप दर्शन, सुप्रभातम्, मंगलाशासन के बाद आगम शास्त्रों में वर्णित विधि के अनुसार वैकुण्ठाधिपति श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर का आवाहन किया गया। इसके पश्चात आसन, अर्घ्य, पाद्य, आचमनीय, स्नानीय, गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, दीप आदि उपचारों से नित्याराधन संपन्न हुआ।
पुरुषसूक्त, श्रीसूक्त एवं मूल मंत्रों से षोडशोपचार अर्पण कर बार-बार पुष्पांजलि दी गई। इसके बाद मुद्राओं द्वारा भगवान का पुनः आवाहन कर सुगंधित तेल से अभ्यंग, कस्तूरी और चंदन से उबटन किया गया। मंत्रोच्चारण के साथ भोगमूर्ति को सुगंधित जल से स्नान कराया गया और फिर दिव्य वस्त्र व आभूषणों से भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया गया। महाआरती के उपरांत गुरान्न-खीर का बालभोग निवेदन हुआ तथा विनीत भाव से स्तोत्र पाठ और नाम मंत्रों द्वारा अर्चना की गई।
जैसे ही मंदिर गोपुरम के फाटक खुले, भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने कूपन लेकर अपनी-अपनी कामना अनुसार लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम तथा भगवान वेंकटेश्वर के अष्टोत्तर शतनाम से विशेष पूजन कराया और मंगल प्रार्थना की।
पूरे दिन चले इस अनुष्ठान को अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास ने विधिवत रूप से संपन्न कराया। इस अवसर पर सर्वश्री राम अवतार नरसरिया, मुरारी लाल मंगल, प्रदीप नरसरिया, राजेश सुलतानिया, गौरीशंकर साबू, रंजन सिंह, सीता शर्मा, बुलबुल आईच, जी. रेवती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
माघी पूर्णिमा पर तिरुपति बालाजी के इस दिव्य आयोजन ने पूरे परिसर को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
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12:39:00 pm
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