रांची, 19 मार्च: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों के मामलों की समीक्षा की गई। गहन विचार-विमर्श के बाद 15 मामलों में से 6 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी।
बैठक में अदालतों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों तथा प्रोबेशन पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और मंतव्यों का विस्तार से विश्लेषण किया गया। इसके उपरांत परिषद ने मानवीय, कानूनी और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।
रिहाई के बाद भी रहेगी सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जेल से रिहा होने वाले कैदियों के लिए एक सुदृढ़ डेटाबेस तैयार किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिहाई के बाद इन व्यक्तियों की गतिविधियों की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो, ताकि वे पुनः अपराध की ओर न मुड़ें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
काउंसलिंग और पुनर्वास पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि रिहा कैदियों के लिए काउंसलिंग की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित हो सकें। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था से अपराध की पुनरावृत्ति को रोका जा सकता है।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इन घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे समाज में वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अहम बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर सचिव वंदना दादेल, पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल, अपर पुलिस महानिरीक्षक तुषार रंजन तथा न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा शामिल थे।
यह निर्णय न केवल मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, बल्कि राज्य सरकार की उस सोच को भी उजागर करता है, जिसमें अपराधियों के सुधार और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, निगरानी और सामाजिक पुनर्स्थापन के माध्यम से एक सुरक्षित और संतुलित समाज की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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8:08:00 pm
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