पापमोचनी एकादशी पर दिव्यदेशम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में भव्य तिरुमंजन अनुष्ठान, भक्तिमय माहौल में दिनभर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रांची : चैत्र कृष्ण पक्ष की पावन पापमोचनी एकादशी के अवसर पर रविवार, 15 मार्च को रांची स्थित दिव्यदेशम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य तिरुमंजन अनुष्ठान संपन्न हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
अनुष्ठान की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में प्रातः 4:30 बजे हुई। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण और घंटा-घड़ियाल की मंगलध्वनि के बीच सुप्रभातम, विश्वरूप दर्शन, कराबलंबम तथा मंगलाशासनम के साथ भगवान का जागरण किया गया। इसके पश्चात पांचरात्र आगम विधि से नित्याराधना संपन्न कर भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर, श्रीदेवी, श्रीभूमिदेवी तथा चक्रराज सुदर्शन की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
तिरुमंजन महाभिषेक के दौरान भगवान के दिव्य विग्रहों का दूध, दही, शहद, डाभयुक्त जल तथा गंगा और गंडकी के मिश्रित पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद हरिद्रा (हल्दी) से अनुलेपन कर सहस्त्रधारा से स्नान कराया गया तथा चंदन लेपन के साथ शंखधारा, चक्रधारा और कलशधारा से क्रमवार अभिषेक सम्पन्न हुआ। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वेदपाठ, स्तोत्र और शंखध्वनि से गूंजता रहा।
महाभिषेक के उपरांत भगवान के दिव्य विग्रहों को रेशमी वस्त्रों से अलंकृत कर आकर्षक आभूषणों से सुसज्जित किया गया। इसके बाद स्वादिष्ट फलाहारी व्यंजनों का बाल भोग अर्पित किया गया। तत्पश्चात मंत्रोच्चारण के बीच नक्षत्र कुंभ तथा कर्पूर आरती संपन्न की गई और सुश्राव्य वेदध्वनियों के साथ वेदान्त देशिक स्वामी विरचित स्तोत्रों का सामूहिक स्तवन किया गया।
धार्मिक मान्यता है कि कलयुग में भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के दर्शन मात्र से करोड़ों पापों का नाश होता है। इसी आस्था के साथ दिनभर मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु सहस्त्रनाम, वेंकटेश स्तोत्र, सतनाम, श्रीसूक्त तथा कुमकुम से लक्ष्म्यष्टोत्तर अर्चना कराई।
इस विशेष महाभिषेक अनुष्ठान के यजमान रांची निवासी श्री रामवृक्ष साहू एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऊषा साहू रहे। अनुष्ठान को विधिवत संपन्न कराने में अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य तथा श्री नारायण दास जी की प्रमुख भूमिका रही।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राम अवतार नरसरिया, प्रदीप नरसरिया, गौरीशंकर साबू, अनूप अग्रवाल, रंजन सिंह, सीता शर्मा, माया गाड़ोदिया, अशोक धनानी, मनोज अग्रवाल, सरिता गरोदिया, शंभूनाथ पोद्दार सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय बना रहा।
Reviewed by PSA Live News
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10:15:00 pm
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