सभी निजी स्कूलों को 3 दिन में पीटीए का गठन करके प्रशासन को बताना होगा, शुल्क निर्धारण में अब नहीं चलेगी मनमानी
रांची से बड़ी खबर | प्रशासन का कड़ा रुख, अभिभावकों को बड़ी राहत।
रांची: जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शुल्क निर्धारण, अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण एवं शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान जिले के CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री विनय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन को लेकर भी विद्यालयों को दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया कि वे अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन करें और इसकी जानकारी तीन दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह जानकारी दी है, जो चिंताजनक है। निर्धारित समय सीमा में अनुपालन नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करने एवं उसकी जानकारी भी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराने को कहा गया है। शुल्क वृद्धि को लेकर स्पष्ट किया गया कि विद्यालय अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकते हैं, जबकि इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुमति आवश्यक होगी। साथ ही पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों एवं वर्तमान सत्र 2026-27 के शुल्क का पूरा विवरण 20 अप्रैल तक जमा करना अनिवार्य किया गया है।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र से अगली कक्षा में प्रोन्नति के लिए पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकता, अन्यथा इसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।
किताबों एवं यूनिफॉर्म को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालय परिसर में पुस्तक या यूनिफॉर्म की बिक्री पर रोक लगाते हुए कहा गया कि अभिभावक खुले बाजार से खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे और किसी विशेष विक्रेता से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किए जा सकते। CBSE से संबद्ध विद्यालयों को केवल NCERT पुस्तकों को ही पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अतिरिक्त परिवहन शुल्क एवं अन्य शुल्कों को भी निर्धारित नियमों के अंतर्गत रखने, तथा सभी स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शिकायतों के निस्तारण को लेकर उपायुक्त ने कहा कि अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला कार्यालय में प्राप्त शिकायतों पर विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि अनुपस्थित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
उपायुक्त श्री भजंत्री ने अंत में स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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7:28:00 am
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