पूर्वी व मध्य भारत के सतत विकास की दिशा में बड़ी पहल: रांची में 8-9 अप्रैल को ‘एकम डायलॉग्स’ का होगा आयोजन
यह पहल खास तौर पर झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य इन क्षेत्रों की स्थानीय क्षमताओं, पारंपरिक ज्ञान और नवाचारों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सीड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रमापति कुमार ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्वी और मध्य भारत देश के सबसे संसाधन-संपन्न और पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां की खनिज संपदा, प्राकृतिक धरोहर और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं लंबे समय से देश की औद्योगिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा का आधार रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह क्षेत्र एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां से सतत विकास, जलवायु अनुकूलन और ‘विकसित भारत–2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
‘एकम डायलॉग्स’ की अवधारणा दो प्रमुख स्तंभों—संवाद और निर्माण—पर आधारित है। संवाद के माध्यम से विभिन्न हितधारकों के बीच समाधान-केंद्रित चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि निर्माण के जरिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतिगत सोच, नवाचार और जमीनी नेतृत्व को मजबूत किया जाएगा। इस मंच पर नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और सिविल सोसाइटी संगठनों को एक साथ लाया जाएगा, ताकि साझा प्रयासों से क्षेत्रीय रेसिलिएन्स को सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यक्रम में देशभर से 70 से अधिक विशेषज्ञ और वक्ता भाग लेंगे, जो 11 अलग-अलग सत्रों में अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्राप्त होगी।
इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे 27 चेंजमेकर्स को ‘एकम सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अपने नवाचारों और प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
‘एकम डायलॉग्स’ के माध्यम से लोक-केंद्रित जलवायु अनुकूलन, आजीविका के नए अवसरों का सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का पुनर्स्थापन, तथा तकनीक और डेटा को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न योजनाओं और पहलों के समन्वय (कन्वर्जेन्स) के जरिए दीर्घकालिक और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में भी रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एकम डायलॉग्स’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच है, जो संवाद और सहयोग के माध्यम से पूर्वी और मध्य भारत के विकास की नई इबारत लिखने की क्षमता रखती है। यह पहल आने वाले समय में क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और देश के समग्र विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Reviewed by PSA Live News
on
5:53:00 pm
Rating:


कोई टिप्पणी नहीं: