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नोएडा में मजदूरों की गिरफ्तारी पर माकपा का तीखा विरोध, प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने पर उठाए सवाल


रांची, 17 अप्रैल 2026: 
न्यूनतम वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर नोएडा में चल रहे मजदूरों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी की झारखंड राज्य सचिवमंडल ने इसे “तानाशाहीपूर्ण रवैया” बताते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन की निंदा की है।

जारी बयान में कहा गया है कि हड़ताल पर बैठे मजदूरों को बड़ी संख्या में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। चिंताजनक बात यह है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश मजदूरों के परिजनों को उनके ठिकाने तक की जानकारी नहीं दी गई है, जिससे परिवारों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

इसी मुद्दे पर मजदूर परिवारों से मिलने के लिए एम. ए. बेबी के नेतृत्व में माकपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नोएडा जा रहा था। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल में पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं सांसद अमरा राम, आर. अरुण कुमार, तथा सांसद वी. शिवदासन और ए. रहीम शामिल थे।

पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में प्रतिनिधिमंडल को सड़क पर ही धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाद में स्थिति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के लिए सहमति दी।

माकपा ने अपने बयान में कहा है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठा रहे मजदूरों पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने मांग की है कि गिरफ्तार मजदूरों को तत्काल रिहा किया जाए, उनके परिवारों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए और श्रमिकों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए।

माकपा झारखंड राज्य कमिटी ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहती है, तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन तेज करने पर विचार करेगी।

नोएडा में मजदूरों की गिरफ्तारी पर माकपा का तीखा विरोध, प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने पर उठाए सवाल नोएडा में मजदूरों की गिरफ्तारी पर माकपा का तीखा विरोध, प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने पर उठाए सवाल Reviewed by PSA Live News on 3:06:00 pm Rating: 5

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