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झारखंड में अवैध अफीम की खेती पर सख्ती: डीजीपी तदाशा मिश्र ने दिए कड़े निर्देश, सैटेलाइट निगरानी से होगी कार्रवाई तेज


रांची, 22 अप्रैल 2026: 
झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस मुख्यालय, रांची स्थित सभागार में महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक झारखंड, श्रीमती तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के अफीम प्रभावित जिलों—रांची, चतरा, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी—के पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

बैठक में वर्ष 2025 के दौरान अवैध अफीम की खेती के विनष्टीकरण के आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही फसलीय वर्ष 2025-26 में नष्ट की गई भूमि के जीआर (ग्राउंड रिपोर्ट) के सत्यापन, दर्ज मामलों की अद्यतन स्थिति, और अफीम की खेती में संलिप्त बड़े तस्करों की पहचान कर उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई पर गहन चर्चा हुई। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल छोटे किसानों तक कार्रवाई सीमित न रहकर इस अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क और सरगनाओं तक पहुंचना प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में यह भी सामने आया कि कई क्षेत्रों में अब भी संगठित तरीके से अफीम की खेती की जा रही है, जिसे रोकने के लिए तकनीकी और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस पर डीजीपी ने सैटेलाइट इमेजिंग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि संदिग्ध इलाकों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए और समयबद्ध तरीके से फसल को नष्ट किया जाए।

अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) श्री मनोज कौशिक ने संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस, नारकोटिक्स विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर संयुक्त अभियान चलाएं, ताकि अवैध अफीम की खेती को जड़ से समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जब्त की गई अफीम का विधिसम्मत विनष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए और मामलों की जांच में ठोस साक्ष्य जुटाकर त्वरित न्यायिक निष्पादन कराया जाए।

बैठक में PIT NDPS Act के तहत प्रस्तावों की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिससे बड़े तस्करों पर सख्त कार्रवाई संभव हो सके। साथ ही, जिला स्तर पर NCORD (Narco Coordination) बैठक की नियमितता और प्रभावशीलता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन बैठकों के माध्यम से खुफिया जानकारी साझा कर कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाए।

डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि केवल दमनात्मक कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना और किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव जाकर लोगों को अफीम की खेती के कानूनी परिणामों और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) श्री पुज्य प्रकाश सहित विभिन्न रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में विशेष अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

झारखंड पुलिस अब अवैध अफीम की खेती के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। तकनीकी निगरानी, सख्त कानूनी कार्रवाई और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयास से इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट रोडमैप तैयार कर लिया है।

झारखंड में अवैध अफीम की खेती पर सख्ती: डीजीपी तदाशा मिश्र ने दिए कड़े निर्देश, सैटेलाइट निगरानी से होगी कार्रवाई तेज झारखंड में अवैध अफीम की खेती पर सख्ती: डीजीपी तदाशा मिश्र ने दिए कड़े निर्देश, सैटेलाइट निगरानी से होगी कार्रवाई तेज Reviewed by PSA Live News on 11:31:00 pm Rating: 5

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