डीएम सुब्रत कुमार सेन की पहल से शिक्षा को नई दिशा, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी राष्ट्रीय गुणवत्ता की पढ़ाई
मुजफ्फरपुर, 22 अप्रैल 2026 : जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मुसहरी अंचल अंतर्गत मुसहरी पंचायत में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए 5 एकड़ उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव अग्रसारित कर दिया है। इस कदम को मुजफ्फरपुर के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी), भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी मुसहरी के साथ चयनित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यह भूमि न केवल पर्याप्त क्षेत्रफल में है, बल्कि आवागमन की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। यह स्थल जिला मुख्यालय के समीप और मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ है, जिससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए पहुंचना आसान होगा।
निरीक्षण के बाद डीएम ने तत्काल आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव पशुपालन विभाग को भेजा जाए। एनओसी मिलते ही जमीन को शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर केंद्रीय विद्यालय निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
प्रस्तावित क्षेत्र भविष्य में नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होगा, जिससे यहां बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। केंद्रीय विद्यालय के निर्माण से कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी, जिससे उन्हें बाहर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था की स्थापना से जिले के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध होगी और वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। इससे शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं को भी गति
डीएम ने जानकारी दी कि जिले में कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्य को भी तेज किया गया है। लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से 720 सीटों वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर 10+2 आवासीय विद्यालय की योजना पर कार्य प्रगति पर है, जिसके अंतर्गत मुसहरी, सकरा, मोतीपुर, पारु, कुढ़नी, मुरौल और बोचहा (नरमा) में निर्माण प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा, अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 520 सीटों वाला कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय साहेबगंज के जगदीशपुर में निर्माणाधीन है। वहीं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की बालिकाओं के लिए सिकंदरपुर में 100 सीटों वाले सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास के निर्माण को भी गति दी गई है।
स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
केंद्रीय विद्यालय के प्रस्ताव से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने इस पहल को शिक्षा और विकास के क्षेत्र में बड़ा कदम बताते हुए प्रशासन की सराहना की है। लोगों का मानना है कि इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास भी होगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा का समावेशी विकास सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुसहरी में केंद्रीय विद्यालय का निर्माण मुजफ्फरपुर के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकता है, जो आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेगा।
Reviewed by PSA Live News
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10:35:00 pm
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