मुजफ्फरपुर: आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ आपदा से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही मजबूत तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो सके।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में समन्वय ही सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि तैयारी में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष जोर:
बैठक में तटबंधों की स्थिति को लेकर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को सभी तटबंधों का स्वयं निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और कमजोर स्थानों की पहचान कर वहां तत्काल मरम्मत कार्य पूरा किया जाए और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही अंचलाधिकारी और अभियंताओं को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया।
स्वास्थ्य और पशुधन सुरक्षा की तैयारी:
बाढ़ के दौरान संभावित बीमारियों और आपात स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने, मेडिकल टीमों को तैयार रखने और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।
वहीं, पशुपालन विभाग को भी पशुओं के लिए दवाओं, टीकाकरण और चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बाढ़ के दौरान पशुधन को नुकसान न हो।
नाव, गोताखोर और राहत-बचाव की तैयारी:
बैठक में नावों के निबंधन और उनकी उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी नावों का समय पर पंजीकरण कर उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा जाए। नाव चालकों की सूची तैयार कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा प्रशिक्षित गोताखोरों की सूची तैयार करने और उन्हें नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए, ताकि आपदा के समय बचाव कार्य तेजी से हो सके।
राहत शिविरों की व्यवस्था पर खास फोकस:
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की अग्रिम तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया, ताकि विस्थापित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
जरूरी सामग्रियों का भंडारण:
आपदा के समय उपयोग में आने वाली आवश्यक सामग्रियों—जैसे टेंट, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टैबलेट, राशन आदि—की समय पर खरीद और भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी खरीद प्रक्रियाएं पारदर्शिता और गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
प्रशासन पूरी तरह तैयार:
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस सख्त तैयारी और व्यापक रणनीति से साफ है कि मुजफ्फरपुर प्रशासन इस बार बाढ़ के खतरे को लेकर कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
Reviewed by PSA Live News
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7:43:00 pm
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