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झारखंड में OBC अधिकारों की गूंज: NCBC अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन, रोस्टर घोटाले की जांच सहित 5 प्रमुख मांगें


रांची से रिपोर्ट: 
झारखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर आवाज तेज हो गई है। सोमवार को रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes – NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति की मौजूदगी में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आयोग अध्यक्ष ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता और आर्थिक सलाहकार सुनील जायसवाल कर रहे थे। उन्होंने झारखंड में OBC समुदाय से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाते हुए पांच सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें सबसे प्रमुख मांग राज्य में OBC आरक्षण को वर्तमान 14 प्रतिशत से बढ़ाकर जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत करने की रही।

आरक्षण विस्तार और अधिसूचित जिलों में लाभ की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि राज्य के सात अनुसूचित जिलों में भी OBC समुदाय को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित किया जाए। इस पर आयोग अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अधिसूचित जिलों के OBC समुदाय को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत आरक्षण का लाभ लेने की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।

इस पर साध्वी निरंजन ज्योति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों तक यह सूचना पहुंच सके। उन्होंने जिला मुख्यालयों, सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगाने और अखबारों में सूचना प्रकाशित करने के निर्देश दिए।

केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने की मांग

ज्ञापन में बरनवाल, जायसवाल, कसौधन, कमलापुरी, माहुरी सहित कई जातियों को केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन जातियों को अब तक सूची से बाहर रखना सामाजिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है, इसलिए जल्द से जल्द इन्हें शामिल कर लाभ प्रदान किया जाए।

रोस्टर घोटाले की जांच की मांग

प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने झारखंड में OBC समुदाय से जुड़े कथित “रोस्टर घोटाले” का मुद्दा उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि नियुक्तियों और पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिससे OBC वर्ग के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

कई संगठनों की रही उपस्थिति

बैठक में National Commission for Backward Classes के अधिकारियों के साथ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव, सदस्य नंदकिशोर मेहता, लक्ष्मण यादव और नरेश वर्मा सहित राज्य सरकार के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा जायसवाल महासभा के अध्यक्ष सुनील जायसवाल, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश साहू, मोती बरनवाल सहित कई OBC संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

कार्रवाई का मिला भरोसा

बैठक के अंत में साध्वी निरंजन ज्योति ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि OBC समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके समुचित प्रतिनिधित्व के लिए आयोग प्रतिबद्ध है।

यह बैठक झारखंड में OBC राजनीति और सामाजिक न्याय के सवालों को एक बार फिर केंद्र में ले आई है। अब देखना होगा कि आयोग के आश्वासन के बाद राज्य सरकार इन मांगों पर कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाती है।

झारखंड में OBC अधिकारों की गूंज: NCBC अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन, रोस्टर घोटाले की जांच सहित 5 प्रमुख मांगें झारखंड में OBC अधिकारों की गूंज: NCBC अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन, रोस्टर घोटाले की जांच सहित 5 प्रमुख मांगें Reviewed by PSA Live News on 8:34:00 pm Rating: 5

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