मधुबनी के वैष्णवी दुर्गा मंदिर में लगातार हो रही घटनाओं ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
मधुबनी/अंधराठाढ़ी।
मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध वैष्णवी दुर्गा मंदिर में एक बार फिर दान पेटी चोरी की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि मंदिर में दान पेटी चोरी की यह दूसरी बड़ी वारदात बताई जा रही है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने न सिर्फ मंदिर समिति बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को भी झकझोर कर रख दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर धार्मिक स्थलों पर भी चोरों का आतंक जारी रहा और प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं कर पाया, तो लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था से उठने लगेगा। घटना के बाद मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए चोरों की गिरफ्तारी और मंदिर परिसर की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है।
देर रात वारदात, सुबह खुला चोरी का राज
जानकारी के अनुसार, चोरों ने रात के अंधेरे में मंदिर परिसर में प्रवेश कर दान पेटी का ताला और कुंडा तोड़ दिया। इसके बाद दान पेटी में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि दान पेटी में करीब पांच हजार रुपये से अधिक नकद राशि मौजूद थी, जिसे चोर अपने साथ ले गए।
सुबह जब मंदिर में साफ-सफाई करने वाली महिला पहुंची, तब दान पेटी टूटी हुई मिली। इसके बाद मंदिर समिति और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई और घटना को लेकर आक्रोश फैल गया।
दूसरी घटना ने बढ़ाई चिंता
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब मंदिर को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी यहां दान पेटी चोरी की घटना हो चुकी है, लेकिन उस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली घटना के बाद यदि पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद दूसरी बार ऐसी वारदात नहीं होती। लोगों ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
CCTV कैमरा भी नहीं कर पाया मदद
मंदिर परिसर में CCTV कैमरा लगाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन घटना के समय बिजली नहीं रहने के कारण कैमरे में चोरी की तस्वीर कैद नहीं हो सकी। इस तथ्य ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि जब बिजली की नियमित व्यवस्था ही नहीं होगी, तो सुरक्षा उपकरणों का क्या फायदा?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर सोलर बैकअप और बेहतर निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
धार्मिक आस्था पर चोट
घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख और नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर सिर्फ पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र होता है। ऐसे में बार-बार चोरी की घटनाएं होना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि अपराधियों ने सिर्फ पैसे की चोरी नहीं की है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर में नियमित पुलिस गश्ती की व्यवस्था की जाए और रात के समय सुरक्षा बढ़ाई जाए।
थाना पहुंचा मामला, लिखित शिकायत दर्ज
घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने अंधराठाढ़ी थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती चोरी और अपराध की घटनाओं से आम जनता भय और असुरक्षा महसूस कर रही है।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक स्थलों में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधियों के मन में पुलिस का डर कम होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मंदिर जैसी जगहें भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को सामान्य चोरी मानकर नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि इसे गंभीरता से लेते हुए अपराधियों के नेटवर्क का पता लगाया जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- मंदिर परिसर में स्थायी पुलिस गश्ती व्यवस्था
- रात में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति
- CCTV कैमरों के लिए सोलर बैकअप
- चोरों की जल्द गिरफ्तारी
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान
- पूर्व की चोरी घटनाओं की भी दोबारा जांच
जनता में उबाल, प्रशासन की परीक्षा
वैष्णवी दुर्गा मंदिर में लगातार दूसरी बार हुई चोरी अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक बनती जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ही तय करेगी कि लोगों का भरोसा दोबारा कायम हो पाएगा या नहीं।
फिलहाल पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है —
“आखिर मंदिर भी सुरक्षित नहीं, तो फिर सुरक्षित कौन?”
Reviewed by PSA Live News
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5:29:00 pm
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