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दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की मिसाल: पंडौल में 20 लाभुकों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

जिला प्रशासन की पहल से बढ़े आत्मनिर्भरता के कदम, सुरक्षित संचालन और UDID कार्ड की भी दी गई जानकारी


मधुबनी, 6 जून 2026। 
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बुनियादी केंद्र, पंडौल में आयोजित विशेष वितरण शिविर के दौरान 20 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस सहायता से लाभुकों के दैनिक जीवन में आने वाली आवाजाही की कठिनाइयों को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी तथा वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे।

यह कार्यक्रम जिलाधिकारी आनंद शर्मा के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के आलोक में आयोजित किया गया। शिविर का संचालन सहायक निदेशक (दिव्यांगजन सशक्तिकरण) आशीष अमन की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सदर अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों से चयनित दिव्यांग लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल वितरित की गई।

दिव्यांगजनों के चेहरे पर दिखी खुशी

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के बाद लाभुकों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कई लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, बाजार जाने, सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह सहायता उनके जीवन में एक नया बदलाव लेकर आएगी।

सुरक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष जोर

जिला प्रशासन ने केवल ट्राईसाइकिल वितरण तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि लाभार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वाहन संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। अधिकारियों ने ट्राईसाइकिल के सुरक्षित उपयोग, सड़क पर सावधानी बरतने, बैटरी चार्जिंग की प्रक्रिया तथा नियमित रखरखाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

प्रशिक्षण के दौरान लाभुकों को बताया गया कि वाहन की बेहतर देखभाल से उसकी कार्यक्षमता और आयु दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही उन्हें किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करने की सलाह भी दी गई।

UDID कार्ड के लाभों से कराया गया अवगत

शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड के महत्व और उससे मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि UDID कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक सार्वभौमिक पहचान पत्र के रूप में कार्य करता है, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं, रेलवे किराए में रियायत, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करना आसान हो जाता है।

अधिकारियों ने सभी दिव्यांगजनों से अपील की कि जिनके पास अभी तक UDID कार्ड नहीं है, वे जल्द से जल्द आवेदन कर इसका लाभ उठाएं।

अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में सहायक निदेशक (दिव्यांगजन सशक्तिकरण) आशीष अमन, बुनियादी केंद्र की जिला प्रबंधक मनीषा कुमारी तथा लेखापाल संजीव कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दिव्यांग कल्याण के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण तथा जीवन स्तर में सुधार के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है जिससे वे सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।

उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सशक्तिकरण शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की मिसाल: पंडौल में 20 लाभुकों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की मिसाल: पंडौल में 20 लाभुकों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल Reviewed by PSA Live News on 2:11:00 pm Rating: 5

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