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मधुबनी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप, 200 से अधिक किसानों और उद्यमियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का वितरण

कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा नया बल, आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल


मधुबनी, 06 जून 2026।
जिले में किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों तथा ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शनिवार को देशव्यापी अभियान के तहत जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के सभागार में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि मधुबनी जिले में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सभी 20 शाखाओं द्वारा संयुक्त रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए व्यापक ऋण वितरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत 200 से अधिक लाभुकों के बीच 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि का स्वीकृति एवं संवितरण किया गया।

उन्होंने बताया कि यह ऋण राशि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि आधारित विविध गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वितरित की गई है। इसके अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), डेयरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, फूड प्रोसेसिंग, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) सहित कई योजनाओं को शामिल किया गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। ऋण प्राप्त करने वाले किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, उन्नत बीजों और कृषि उपकरणों की खरीद, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि आधारित स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्षम होंगे।

डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में ऋण सहायता मिलने से किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

आत्मनिर्भर किसान और सशक्त ग्रामीण उद्यमिता पर जोर

कैंप के दौरान बैंक अधिकारियों ने लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को प्रोत्साहित करने की है। बैंकिंग क्षेत्र इस लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभुकों को वित्तीय समावेशन की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।

कई विभागों के अधिकारियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला परियोजना पदाधिकारी जीविका, निदेशक आरसेटी सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक, कृषि वित्त पदाधिकारी (AFO) तथा बैंक के अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और लाभुकों को ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

विकास की नई राह पर मधुबनी

विशेषज्ञों के अनुसार एक ही दिन में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण स्वीकृति एवं वितरण मधुबनी जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे कृषि उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन तथा ग्रामीण उद्यमिता को नया प्रोत्साहन मिलेगा। बैंकिंग संस्थाओं और सरकारी विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले में रोजगार सृजन, आय वृद्धि और आर्थिक विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का यह मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है, जिससे जिले के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


मधुबनी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप, 200 से अधिक किसानों और उद्यमियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का वितरण मधुबनी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप, 200 से अधिक किसानों और उद्यमियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का वितरण Reviewed by PSA Live News on 5:22:00 pm Rating: 5

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