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समाहरणालय में घुसे वकीलों पर कर्मचारी से मारपीट का आरोप, राजधानी के प्रशासनिक गलियारे में मचा हड़कंप


रांची।
राजधानी रांची के समाहरणालय परिसर में बुधवार को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। समाहरणालय के बी-ब्लॉक स्थित कमरा संख्या-211 में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के कर्मचारी महेंद्र कुमार दास के साथ कथित तौर पर कुछ अधिवक्ताओं द्वारा कार्यालय में घुसकर मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना के बाद पूरे समाहरणालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना उस समय हुई जब एसडीओ कार्यालय में नियमित प्रशासनिक कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोग कार्यालय पहुंचे और किसी बात को लेकर कर्मचारी महेंद्र कुमार दास से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि संबंधित लोगों ने कार्यालय कक्ष के अंदर ही कर्मचारी के साथ मारपीट की। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी और आम लोग भी स्तब्ध रह गए।

घटना की सूचना मिलते ही समाहरणालय के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच तेजी से चर्चा फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कर्मचारी घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समाहरणालय जैसे अति संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले प्रशासनिक परिसर में भी सरकारी कर्मी सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर सामान्य कार्यालयों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि मारपीट की घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी मानसिक रूप से काफी आहत हैं। कर्मचारियों ने इस घटना को सरकारी सेवकों के सम्मान और सुरक्षा पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यालय में घुसकर किसी सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रशासनिक कार्य संस्कृति और सरकारी व्यवस्था की गरिमा भी प्रभावित होती है।

घटना के बाद समाहरणालय कर्मियों में भारी नाराजगी देखी गई। कई कर्मचारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को अक्सर दबाव, धमकी और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस तरह की हिंसक घटनाएं प्रशासनिक माहौल को और अधिक असुरक्षित बनाती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार घटना के संबंध में उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार किए जाने की चर्चा है। साथ ही समाहरणालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच कराई जा सकती है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

इस घटना ने समाहरणालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर समाहरणालय परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहती है और यहां आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जाती है। इसके बावजूद कार्यालय कक्ष के भीतर जाकर किसी कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की घटना सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है।

कर्मचारी संगठनों ने भी घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए समाहरणालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। कुछ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार कर सकते हैं।

फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज है। सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और सरकारी कर्मचारी के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है। घटना ने राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में से एक समाहरणालय की सुरक्षा, अनुशासन और कार्य वातावरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

समाहरणालय में घुसे वकीलों पर कर्मचारी से मारपीट का आरोप, राजधानी के प्रशासनिक गलियारे में मचा हड़कंप समाहरणालय में घुसे वकीलों पर कर्मचारी से मारपीट का आरोप, राजधानी के प्रशासनिक गलियारे में मचा हड़कंप Reviewed by PSA Live News on 10:05:00 am Rating: 5

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