अंतर विभागीय समन्वय बैठक में विकास योजनाओं, जन शिकायतों और लंबित मामलों की हुई गहन समीक्षा
मधुबनी, 04 जून 2026। जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से अंतर विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, भूमि उपलब्धता, राजस्व वसूली, जन शिकायतों, न्यायालयीन मामलों तथा कार्यालयी गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पंचायत स्तर पर संचालित किए जा रहे “सहयोग शिविर” कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं पंचायतों में जाकर आम लोगों की समस्याओं को सुनें तथा मौके पर ही उनका समाधान करने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है, उन्हें बिना विलंब उच्च स्तर पर भेजा जाए ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सहयोग शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली और नीलाम पत्र वादों के निष्पादन पर विशेष जोर
बैठक में नीलाम पत्र वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बड़ी राशि से संबंधित कम-से-कम पांच मामलों का चयन कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन करें। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता दरबार, सीपीग्राम और मुख्यमंत्री जनता दरबार की शिकायतों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश
जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, सूचना का अधिकार तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व एवं शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में विलंब प्रशासन की छवि को प्रभावित करता है, इसलिए सभी विभाग शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता और जवाबदेही का परिचय दें।
सड़क निर्माण परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने के निर्देश
विकास योजनाओं की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं के साथ विभागवार एवं योजनावार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं में बाधा बन रहे पेड़ों तथा विद्युत पोलों को वन विभाग एवं विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र हटाया जाए, ताकि परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
इसके अतिरिक्त उन्होंने अतिक्रमण से संबंधित सभी मामलों को “मधुबनी फर्स्ट पोर्टल” पर अपलोड कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।
सूचना का अधिकार, मानवाधिकार और न्यायालयीन मामलों की हुई समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई), मानवाधिकार, जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की भी क्रमवार समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जिला स्तरीय जनता दरबार से संबंधित मामलों में पुलिस, राजस्व, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग में सर्वाधिक आवेदन लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर जताया असंतोष
माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालयीन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा में शिक्षा विभाग एवं भू-अर्जन विभाग में सर्वाधिक लंबित सीडब्ल्यूजेसी (CWJC) मामले पाए जाने पर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने दोनों विभागों को एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों में ठोस प्रगति लाने तथा अद्यतन स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं सीपीग्राम पोर्टल पर राजस्व शाखा में सर्वाधिक लंबित मामले पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जवाबदेह प्रशासन और समयबद्ध सेवा वितरण पर जोर
बैठक के अंत में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि प्रशासन की सफलता जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में निहित है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन की भावना के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला स्तरीय सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा विभिन्न योजनाओं एवं लंबित मामलों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रशासनिक स्तर पर यह बैठक जिले में विकास कार्यों की गति बढ़ाने, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत बनाने तथा न्यायालयीन मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Reviewed by PSA Live News
on
9:09:00 pm
Rating:


कोई टिप्पणी नहीं: