ब्लॉग खोजें

मानसून में बढ़ा डूबने का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी

अभिभावकों से बच्चों पर विशेष नजर रखने की अपील, जलाशयों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह


पीएसए लाइव न्यूज संवाददाता। मधुबनी।

मानसून के आगमन के साथ ही जिले में नदी, तालाब, पोखर, आहर, पईन तथा जलभराव वाले गड्ढों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में डूबने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, इसलिए नागरिकों को जल सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी।

जिला प्रशासन के अनुसार मानसून के दौरान जल स्रोतों में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है। कई बार पानी ऊपर से शांत दिखाई देता है, लेकिन उसकी गहराई और तेज बहाव का सही अनुमान नहीं लग पाता। यही कारण है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में डूबने की कई दर्दनाक घटनाएं सामने आती हैं। विशेष रूप से बच्चे और युवा इस प्रकार की दुर्घटनाओं का अधिक शिकार होते हैं।

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और उन्हें अकेले नदी, तालाब, पोखर या अन्य जलभराव वाले स्थानों के पास न जाने दें। बच्चों की जिज्ञासु प्रवृत्ति और खेल-खेल में जोखिम उठाने की आदत कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाती है। इसलिए परिवार के सदस्यों को बच्चों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है।

जिला प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि तेज बहाव वाले पानी, पुलिया, घाट तथा गहरे जलाशयों में स्नान करने से बचें। बरसात के दौरान नदियों और नालों का बहाव अचानक तेज हो सकता है, जिससे अनुभवी तैराक भी कठिन परिस्थितियों में फंस सकते हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग सेल्फी, वीडियो और रील बनाने के लिए पानी के किनारे खतरनाक स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे जोखिमपूर्ण व्यवहार से बचने की सलाह दी गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशी चराने, मछली पकड़ने तथा घरेलू कार्यों के दौरान भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है। कई बार लोग रोजमर्रा के कार्यों के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने गांवों और मोहल्लों के लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास मौजूद खतरनाक जलस्थलों की पहचान कर प्रशासन को जानकारी दें तथा उन्हें चिन्हित करने में सहयोग करें, ताकि लोगों को पहले से सचेत किया जा सके।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति उत्पन्न होती है तो बचाव के दौरान भी सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों में रस्सी, बांस, लकड़ी या अन्य सुरक्षित साधनों का उपयोग करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति तैरना नहीं जानता है तो उसे सीधे पानी में उतरकर बचाव का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे एक की जगह दो लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

प्रशासन ने बच्चों और युवाओं को तैराकी तथा जल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल सुरक्षा संबंधी प्राथमिक जानकारी और प्रशिक्षण कई दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई है।

जिला प्रशासन ने अपनी अपील में कहा है कि कुछ मिनटों की असावधानी पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है। इसलिए मानसून के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतना ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षित रहने, दूसरों को भी जागरूक करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता लेने की अपील की है।

जिला प्रशासन का संदेश है— "सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। आपदा नहीं हो भारी, यदि पूरी हो तैयारी।"

आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06276-222576, 1070 तथा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

— पीएसए लाइव न्यूज

मानसून में बढ़ा डूबने का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी मानसून में बढ़ा डूबने का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी Reviewed by PSA Live News on 5:38:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.