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कांग्रेस को झटका: झामुमो ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान


राँची।
झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का निर्णय लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री एवं झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन द्वारा गुरुवार को अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अचानक बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह फैसला सामने आया।

बैठक समाप्त होने के बाद बाहर निकले राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफीजुल हसन तथा विधायक बैद्यनाथ राम ने एक स्वर में घोषणा की कि झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई मैराथन बैठक

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, गठबंधन की वर्तमान स्थिति, कांग्रेस के रुख और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर विशेष नाराजगी व्यक्त की गई कि कांग्रेस ने महागठबंधन के प्रमुख घटक दलों को विश्वास में लिए बिना प्रणव झा को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया।

झामुमो नेताओं का मानना है कि गठबंधन राजनीति में सभी सहयोगी दलों के बीच समन्वय और सहमति आवश्यक होती है। लेकिन कांग्रेस द्वारा एकतरफा निर्णय लिए जाने से गठबंधन धर्म की भावना को ठेस पहुंची है। इसी मुद्दे पर बैठक में लंबा मंथन हुआ और अंततः पार्टी ने अपने राजनीतिक हितों तथा संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया।

कांग्रेस के फैसले से बढ़ी नाराजगी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा प्रणव झा के नाम की घोषणा ने महागठबंधन के भीतर असहजता पैदा कर दी है। झामुमो लंबे समय से यह मानता रहा है कि राज्य की राजनीति में उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और राज्यसभा जैसी महत्वपूर्ण सीटों के लिए उम्मीदवार चयन में उसकी राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

बैठक में मौजूद नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि झामुमो केवल एक सहयोगी दल नहीं बल्कि झारखंड की सबसे बड़ी क्षेत्रीय राजनीतिक शक्ति है। ऐसे में किसी भी बड़े राजनीतिक निर्णय में उसकी सहमति और सहभागिता अनिवार्य है।

भाजपा को रोकने की रणनीति या शक्ति प्रदर्शन?

झामुमो नेताओं ने दावा किया कि पार्टी का उद्देश्य भाजपा को लाभ पहुंचने से रोकना है। उनका कहना है कि दोनों सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारकर पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विपक्ष को किसी प्रकार का राजनीतिक लाभ न मिले।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इस निर्णय को केवल भाजपा को रोकने की रणनीति नहीं बल्कि झामुमो के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने संगठनात्मक प्रभाव और राजनीतिक ताकत का संदेश देना चाहती है।

महागठबंधन में बढ़ सकती है खींचतान

झामुमो के इस फैसले से महागठबंधन के भीतर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। यदि कांग्रेस और झामुमो दोनों अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं तो इससे गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ सकता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की बातचीत हो सकती है ताकि किसी सर्वसम्मत समाधान तक पहुंचा जा सके।

फिलहाल झामुमो के रुख ने यह संकेत दे दिया है कि पार्टी अब राज्य की राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर किसी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राज्यसभा चुनाव बना प्रतिष्ठा का प्रश्न

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव अब केवल संसदीय प्रतिनिधित्व का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह महागठबंधन के भीतर नेतृत्व, प्रभाव और राजनीतिक वर्चस्व की परीक्षा बनता जा रहा है। झामुमो के दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने के फैसले ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या महागठबंधन के घटक दल आपसी सहमति का रास्ता निकाल पाते हैं या फिर राज्यसभा चुनाव में मित्र दलों के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।

फिलहाल इतना तय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर हुई इस बैठक ने झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बनने जा रहा है।

कांग्रेस को झटका: झामुमो ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान कांग्रेस को झटका: झामुमो ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान Reviewed by PSA Live News on 7:43:00 pm Rating: 5

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