संभावित बाढ़ और आपदाओं से निपटने की तैयारी तेज, जिलाधिकारी ने इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर का किया निरीक्षण
मधुबनी, 03 जून 2026। जिले में संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बेनीपट्टी प्रखंड के महमदपुर स्थित डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पांस कम फैसिलिटी सेंटर (District Emergency Response cum Facility Centre) का निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले संसाधनों की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा कार्यशीलता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान शुरुआती प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्यों में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों और संसाधनों का हर समय पूरी तरह तैयार एवं कार्यशील रहना आवश्यक है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग एवं एसडीआरएफ के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नाव, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम), लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, रस्सियां, सर्च एवं रेस्क्यू उपकरणों सहित अन्य आपदा राहत संसाधनों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीआरएफ टीम कमांडर को निर्देश दिया कि सभी नावों और ओबीएम की नियमित जांच की जाए तथा उन्हें हर समय संचालन योग्य स्थिति में रखा जाए। साथ ही सभी उपकरणों का समय-समय पर परीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया ताकि आपदा आने पर राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के दौरान प्रशासन और एसडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय ही राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल मजबूत करने तथा आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रजनीश कुमार को निर्देशित किया कि जिले के "आपदा मित्रों" के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित आपदा मित्र गांव और पंचायत स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा जन-जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डूबने की घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित तैराकी, वज्रपात से बचाव, बाढ़ पूर्व तैयारी, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्यों तथा आपदा के समय सामुदायिक सहयोग जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त आपदा मित्र पंचायतों, विद्यालयों और सामुदायिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आपदा सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दें। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं एवं संवेदनशील वर्गों को डूबने की घटनाओं और वज्रपात से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी संसाधनों के भरोसे आपदाओं से पूरी तरह नहीं निपटा जा सकता, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और सामुदायिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। यदि समाज के लोग आपदा से जुड़े सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक होंगे तो जन-धन की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रजनीश कुमार ने जिलाधिकारी को बाढ़ पूर्व तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिले के नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सभी विभाग हर समय अलर्ट मोड में रहें और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें।
Reviewed by PSA Live News
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8:41:00 pm
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