ब्लॉग खोजें

महुआ पशु बाजार में बैलों की खरीद-बिक्री पर उठे सवाल, परिवहन और शुल्क वसूली की जांच की मांग तेज


सिंगरौली।
जिले के निवास चौकी क्षेत्र अंतर्गत महुआ गांव में लगने वाला पशु बाजार एक बार फिर चर्चाओं में है। यहां बैलों की खरीद-बिक्री, उनके परिवहन तथा बाजार बैठकी (शुल्क वसूली) को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार महुआ गांव का यह पशु बाजार लंबे समय से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों के लिए प्रमुख केंद्र रहा है। प्रत्येक बाजार दिवस पर यहां बड़ी संख्या में बैलों और अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। हालांकि हाल के दिनों में कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाजार से बैलों को पिकअप वाहनों में बड़ी संख्या में भरकर जिले से बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे पशुओं के परिवहन की वैधानिकता और उद्देश्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के परिवहन से संबंधित नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं कानूनी रूप से पूरी की जा रही हैं तो प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक कर लोगों की शंकाओं को दूर करना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि परिवहन में नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही चर्चाएं

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस विषय में पहले भी समाचार प्रकाशित हुए थे और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि निवास चौकी पुलिस को भी मामले से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक किसी बड़ी जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। इसी कारण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

लोगों का कहना है कि मामले में स्पष्ट कार्रवाई या आधिकारिक बयान नहीं आने से संदेह और बढ़ रहा है। कुछ ग्रामीणों ने बाजार संचालन से जुड़े लोगों और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बैठकी शुल्क को लेकर भी उठ रहे प्रश्न

पशु बाजार में बैठकी शुल्क की वसूली को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कई बार व्यापारियों और पशुपालकों द्वारा निर्धारित दरों से अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायतें की जाती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि बाजार शुल्क की दरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उनका मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था से विवादों और शिकायतों में कमी आएगी तथा बाजार की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।

पशु कल्याण और नियमों के पालन पर जोर

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पशुओं के परिवहन में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा अन्य निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि किसी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक पशु ले जाए जा रहे हैं तो इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही पशुओं की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की भी नियमित जांच होनी चाहिए।

निष्पक्ष जांच की मांग

क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि महुआ पशु बाजार में बैलों की खरीद-बिक्री, उनके परिवहन, बैठकी शुल्क वसूली तथा अन्य कथित अनियमितताओं की संयुक्त जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें सार्वजनिक किया जाए ताकि लोगों के बीच फैली आशंकाओं और चर्चाओं पर विराम लग सके।

फिलहाल महुआ पशु बाजार से जुड़े इन मुद्दों को लेकर क्षेत्र में बहस जारी है और लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और बाजार संचालन पूरी तरह नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

महुआ पशु बाजार में बैलों की खरीद-बिक्री पर उठे सवाल, परिवहन और शुल्क वसूली की जांच की मांग तेज महुआ पशु बाजार में बैलों की खरीद-बिक्री पर उठे सवाल, परिवहन और शुल्क वसूली की जांच की मांग तेज Reviewed by PSA Live News on 8:40:00 am Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.