दरभंगा उपभोक्ता आयोग के इस महत्वपूर्ण फैसले पर आधारित विस्तृत समाचार:
दरभंगा। चिकित्सा सेवा में गंभीर त्रुटि और लापरवाही के एक चर्चित मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, दरभंगा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए लहेरियासराय के अल्लपट्टी स्थित पारस ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक को दोषी ठहराया है। आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को मृतक के परिजनों को कुल 33 लाख 20 हजार रुपये मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है। यह फैसला चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आयोग के अध्यक्ष पीयूष कमल दीक्षित एवं सदस्य अरुण कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने उपभोक्ता वाद संख्या डीसी-195/सीसी/34/2023 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह आदेश पारित किया। वाद खराजपुर निवासी अधिवक्ता कृष्ण कुमार मिश्रा, उनकी पुत्री कल्पना झा (मृतक की पत्नी) तथा मृतक के दो अवयस्क पुत्र मयंक कश्यप एवं मानव रंजन की ओर से दायर किया गया था।
इलाज के दौरान हुई मरीज की मौत
वादियों का आरोप था कि अस्पताल में भर्ती मरीज के उपचार के दौरान गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी असमय मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से इलाज की पूरी जानकारी, मृत्यु के कारण तथा मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
शिकायत के अनुसार, अस्पताल ने परिजनों को इलाज संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बजाय केवल 1 लाख 10 हजार 309 रुपये का बिल थमा दिया। कई बार अनुरोध करने के बावजूद मरीज का उपचार चार्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे परिजन मानसिक रूप से आहत हुए और उन्हें न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग की शरण लेनी पड़ी।
आयोग ने माना सेवा में गंभीर दोष
सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों का गहन परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि अस्पताल द्वारा मरीज के उपचार और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर त्रुटियां बरती गईं। साथ ही, मरीज के परिजनों को आवश्यक चिकित्सीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराना भी सेवा में कमी और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि चिकित्सा संस्थानों का दायित्व केवल इलाज करना ही नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिजनों को उपचार संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां एवं दस्तावेज उपलब्ध कराना भी है। इस दायित्व की अनदेखी उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेवा में कमी की श्रेणी में आती है।
45 दिनों के भीतर भुगतान का निर्देश
उपभोक्ता आयोग ने पारस ग्लोबल हॉस्पिटल को आदेश दिया है कि वह पीड़ित परिवार को 45 दिनों के भीतर 33 लाख 20 हजार रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान करे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं होने की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन को आदेशानुसार निर्धारित ब्याज के साथ राशि अदा करनी होगी।
स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नजीर
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि मरीजों के अधिकारों की अनदेखी तथा चिकित्सा सेवा में लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह निर्णय उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण है जो चिकित्सा लापरवाही के मामलों में न्याय की तलाश कर रहे हैं।
उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को दरभंगा सहित पूरे मिथिलांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण नजीर के रूप में देखा जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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8:16:00 am
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