चाकूबाजी के बाद उपचार में देरी का आरोप, युवक की मौत से आक्रोश
नई दिल्ली, संवाददाता। राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में एक युवक की चाकू मारकर हत्या और उसके बाद कथित रूप से समय पर उपचार नहीं मिलने से हुई मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद परिजनों, स्थानीय लोगों और समाज के विभिन्न वर्गों में भारी आक्रोश व्याप्त है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 जून की रात लगभग 9:30 बजे केला गोदाम रोड स्थित बीसी ब्लॉक के शराब ठेके के पास किसी मामूली विवाद को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कुछ असामाजिक तत्वों ने सुमित झा नामक युवक पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में सुमित गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गंभीर चोट लगने के बावजूद सुमित ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। वह अपने एक मित्र के साथ मोटरसाइकिल से शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल तक पहुंचे। बताया जाता है कि अस्पताल के गेट तक पहुंचने के बाद भी सुमित स्वयं चलकर अस्पताल परिसर के अंदर गए। उस समय उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की सख्त आवश्यकता थी।
इलाज में देरी का आरोप
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर खड़ा हो गया है। परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि अस्पताल में गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका कहना है कि सुमित के साथ मौजूद लोगों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से बार-बार अनुरोध किया कि परिजनों के पहुंचने तक इलाज शुरू कर दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर पहले औपचारिकताओं और पैसे जमा कराने की बात कही जाती रही।
परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया जाता तो संभवतः सुमित की जान बचाई जा सकती थी। आरोपों के अनुसार उपचार में लगभग एक से डेढ़ घंटे की देरी हुई, जिसके बाद सुमित झा ने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
युवा सुमित झा की असमय मृत्यु से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का कहना है कि परिवार ने एक होनहार और युवा सदस्य को खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि राजधानी में खुलेआम चाकूबाजी की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। वहीं, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता न मिलना भी बेहद चिंताजनक है।
पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
स्थानीय लोगों एवं सामाजिक संगठनों ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगा सकती है।
अस्पताल की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो
साथ ही स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी मांग की गई है कि अस्पताल में उपचार में हुई कथित देरी की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
न्याय की मांग हुई तेज
सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मृत्यु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है। लोगों का मानना है कि सुमित झा को न्याय मिलना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
स्वर्गीय सुमित झा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की मांग दोहराई है।
"सुमित को न्याय मिले, दोषियों को दंड मिले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो" — यही आज परिवार, समाज और स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी मांग है।
Reviewed by PSA Live News
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10:12:00 pm
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