दरभंगा एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटा, पायलट की सूझबूझ से 150 यात्रियों की बची जान
दरभंगा। बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया। मुंबई से दरभंगा पहुंची स्पाइसजेट की एक नियमित यात्री उड़ान की लैंडिंग के दौरान अचानक विमान का एक टायर फट गया। टायर फटने के बाद विमान रनवे पर कुछ दूरी तक घिसटता रहा, जिससे विमान के अंदर तेज झटका महसूस हुआ और यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि विमान के पायलट ने अत्यंत सूझबूझ, धैर्य और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित कर रोक लिया। इस घटना में विमान में सवार लगभग 150 सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विमान ने रनवे को स्पर्श किया, अचानक तेज आवाज के साथ एक टायर फट गया। इसके बाद रनवे पर धुआं उठता दिखाई दिया और विमान कुछ दूरी तक असंतुलित अवस्था में आगे बढ़ता रहा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत स्थिति पर नजर रखते हुए एयरपोर्ट की आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट कर दिया। कुछ ही मिनटों में दमकल विभाग, मेडिकल टीम, सुरक्षा कर्मी तथा एयरपोर्ट के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
विमान रुकते ही यात्रियों को पूरी सावधानी के साथ बाहर निकाला गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने किसी भी प्रकार की भगदड़ की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी और यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल भवन तक पहुंचाया। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर कुछ पल के लिए ऐसा लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया है, लेकिन चालक दल ने पूरे समय यात्रियों को शांत रहने की अपील की और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
घटना के बाद संबंधित विमान को तकनीकी जांच के लिए एप्रन में ले जाया गया, जहां इंजीनियरों की टीम ने विस्तृत निरीक्षण शुरू कर दिया। विमान के टायर फटने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, अत्यधिक दबाव, रनवे की स्थिति अथवा किसी तकनीकी कारण से टायर क्षतिग्रस्त हुआ हो सकता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस घटना का असर दरभंगा एयरपोर्ट के उड़ान संचालन पर भी पड़ा। एप्रन में सीमित पार्किंग क्षमता होने के कारण एक इंडिगो विमान को एहतियातन पटना एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा अकासा एयर की एक उड़ान में भी तकनीकी खराबी की सूचना सामने आने के बाद यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी उड़ानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी विमान को बिना पूरी तकनीकी जांच के उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा मानकों के अनुसार हर विमान की नियमित तकनीकी जांच की जाती है, लेकिन किसी भी यांत्रिक प्रणाली में अचानक खराबी की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों के लिए एयरपोर्ट और एयरलाइंस के पास आपातकालीन प्रबंधन की विस्तृत व्यवस्था होती है, जिसके तहत तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि विमान के टायर अत्यधिक दबाव और भार को सहने के लिए विशेष रूप से बनाए जाते हैं, लेकिन किसी भी असामान्य परिस्थिति में उनका फटना गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। ऐसे समय में पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियां ही बड़े हादसे को टालने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ानों से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन के हेल्पलाइन नंबर, आधिकारिक वेबसाइट अथवा एयरपोर्ट सूचना केंद्र से संपर्क करते रहें। साथ ही यह भी आश्वस्त किया गया है कि घटना की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल राहत की बात यह रही कि समय पर पायलट की कुशलता, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तत्परता और एयरपोर्ट प्रशासन की सक्रियता के कारण एक संभावित बड़ा विमान हादसा टल गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके। यह घटना विमानन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और आपातकालीन व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता की भी याद दिलाती है।
Reviewed by PSA Live News
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7:22:00 pm
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