रांची विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास विभाग के छात्र सूर्यजीत घोष का प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप में चयन, सम्मान समारोह आयोजित
रांची। रांची विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम विभाग में शुक्रवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह सत्र 2024-26 के प्रतिभाशाली छात्र सूर्यजीत घोष के प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप में चयन होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस उपलब्धि को विभाग, विश्वविद्यालय और समूचे छात्र समुदाय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सूर्यजीत घोष का भव्य स्वागत और सम्मान किया।
कार्यक्रम में विभाग के प्राध्यापक डॉ. अटल पाण्डेय ने कहा कि सूर्यजीत घोष का गांधी फेलोशिप के लिए चयन होना पूरे विभाग के लिए अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि गांधी फेलोशिप देश की प्रतिष्ठित नेतृत्व विकास पहलों में से एक है, जिसका संचालन Piramal Foundation द्वारा किया जाता है। यह फेलोशिप युवाओं को सामाजिक नेतृत्व, प्रशासनिक समझ, शिक्षा सुधार और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्रदान करती है।
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि दो वर्षों की इस फेलोशिप यात्रा के दौरान सूर्यजीत घोष को ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए कार्य करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और सूर्यजीत का चयन इस बात का प्रमाण है कि रांची विश्वविद्यालय के विद्यार्थी केवल शैक्षणिक क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सूर्यजीत घोष की सफलता यह संदेश देती है कि यदि किसी युवा में समर्पण, सेवा भावना, अनुशासन और समाज के प्रति संवेदनशीलता हो तो वह किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकता है। ऐसे विद्यार्थी संस्थान की पहचान बनते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
विभाग की प्राध्यापिका शीरीन गुल ने अपने संबोधन में कहा कि सूर्यजीत घोष ने अपने परिवार, शिक्षकों और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय की सामूहिक उपलब्धि है। उनके चयन से अन्य विद्यार्थियों को भी सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने और नेतृत्व की भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलेगी।
विभाग की प्राध्यापिका अंजलि सिंह ने कहा कि गांधी फेलोशिप युवाओं को जमीनी स्तर पर समाज की वास्तविक चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए कार्य करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सूर्यजीत अपनी प्रतिभा, मेहनत और संवेदनशील सोच के बल पर इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी फेलोशिप यात्रा सफल, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हो।
सम्मान समारोह के दौरान विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सूर्यजीत घोष को अंगवस्त्र ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता से पूरे विभाग का मनोबल बढ़ा है और यह उपलब्धि अन्य छात्रों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करेगी।
अपने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सूर्यजीत घोष ने कहा कि यह उपलब्धि उनके शिक्षकों, माता-पिता और सहपाठियों के निरंतर सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गांधी फेलोशिप के माध्यम से उन्हें समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुभव से वे न केवल व्यक्तिगत रूप से विकसित होंगे बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी सार्थक योगदान दे सकेंगे।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी की कामना के साथ किया गया। समारोह का वातावरण उत्साह, गर्व और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा उपस्थित सभी लोगों ने सूर्यजीत घोष की इस उपलब्धि को रांची विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
Reviewed by PSA Live News
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8:29:00 pm
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