बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों से हो रही रेकी! भरत तिवारी की बहन का सनसनीखेज आरोप, परिवार में दहशत का माहौल
आरा/भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी प्रकरण ने एक बार फिर नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। दिवंगत भरत तिवारी की बहन रूबी तिवारी ने अपनी और पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हर रात लगभग 11 बजे के बाद बिना नंबर प्लेट लगी संदिग्ध कारें उनके घर के आसपास चक्कर लगा रही हैं और घर की लगातार रेकी (निगरानी) की जा रही है। इस घटना के बाद पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
रूबी तिवारी का दावा है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से उनके परिवार पर दबाव बनाने या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि देर रात अज्ञात लोग बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों से घर के आसपास आते हैं, कुछ देर रुकते हैं, आसपास का जायजा लेते हैं और फिर वापस चले जाते हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे परिवार के सभी सदस्य मानसिक तनाव में हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूबी तिवारी ने दावा किया है कि उनके पास इस पूरी गतिविधि के वीडियो और अन्य सबूत भी मौजूद हैं। उनके अनुसार घर के आसपास लगे कैमरों और अन्य माध्यमों से इन संदिग्ध गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
रूबी तिवारी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मौत के बाद से ही उनका परिवार लगातार भय के साये में जी रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग करने के कारण उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। अब देर रात होने वाली संदिग्ध गतिविधियों ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि रात होते ही परिवार के लोग डर के कारण ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं।
परिवार का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति सामान्य रूप से किसी के घर आता-जाता है तो उसकी गाड़ी पर नंबर प्लेट होती है और उसकी पहचान संभव होती है, लेकिन बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का बार-बार आना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर ये लोग कौन हैं? किसके कहने पर आ रहे हैं? इनका उद्देश्य क्या है? यदि कोई आपराधिक मंशा नहीं है तो अपनी पहचान क्यों छिपाई जा रही है?
रूबी तिवारी ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने आग्रह किया कि देर रात संदिग्ध वाहनों की जांच कराई जाए, सीसीटीवी फुटेज की जांच हो तथा पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की जाए, ताकि परिवार किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रह सके।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि किसी परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है और उसके पास कथित रूप से कुछ सबूत भी हैं, तो प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका मानना है कि समय रहते जांच और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सकता है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भरत तिवारी की मौत को लेकर पहले से ही विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में उनकी बहन द्वारा लगाए गए नए आरोपों ने पूरे प्रकरण को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों की जांच किस प्रकार करते हैं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो उससे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Reviewed by PSA Live News
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7:12:00 pm
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