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राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : झारखंड को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने की रणनीति पर मंथन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर सरकार का विशेष फोकस

नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय सत्र में उद्योग, निवेश, पर्यटन, कौशल विकास और औद्योगिक अवसंरचना को लेकर बनी व्यापक रणनीति; सरकार-उद्योग जगत ने मजबूत साझेदारी पर जताई सहमति।



नई दिल्ली/रांची, 10 जुलाई 2026। 
राष्ट्रीय हितधारक परामर्श–2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली स्थित होटल ताज पैलेस में "औद्योगिक संवर्धन एवं निवेश" विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय परिचर्चा में झारखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक मंथन किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, नीति-निर्माताओं, देश के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों तथा विकास साझेदारों ने भाग लेकर झारखंड के औद्योगिक भविष्य को लेकर अपने सुझाव एवं दृष्टिकोण साझा किए।

परिचर्चा की अध्यक्षता उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। झारखंड अपनी प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों, कुशल मानव संसाधन, समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों तथा विकसित हो रही आधारभूत संरचना के बल पर देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देना है जो स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। सरकार चाहती है कि झारखंड के लोगों को रोजगार और बेहतर आजीविका के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार और विकास के अवसर प्राप्त हों।

परिचर्चा के दौरान झारखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और प्रभावी बनाना, निजी निवेश को प्रोत्साहित करना, औद्योगिक अवसंरचना का विस्तार, क्षेत्र-विशिष्ट निवेश अवसरों का विकास, आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को और मजबूत बनाने, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने तथा झारखंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने पर भी व्यापक चर्चा हुई।

उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने झारखंड को खनन, इस्पात, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य उभरते औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत संभावनाशील राज्य बताया। उन्होंने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए नीति की स्थिरता, परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, तकनीकी नवाचार, डिजिटल प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अपने संबोधन में मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि उद्योग और पर्यटन दोनों ही झारखंड के आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट सोच है कि इन दोनों क्षेत्रों में व्यापक निवेश के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। उन्होंने स्वीकार किया कि पर्यटन के क्षेत्र में कई राज्यों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और झारखंड के पास भी प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उद्योग राज्य की आवश्यकता है और राज्य को उद्योग की। सरकार तथा उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी ही निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने तथा समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगी।

परिचर्चा का संचालन उद्योग, खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल ने किया। पैनल चर्चा में वी. के. शर्मा (उपाध्यक्ष, जिंदल समूह), सिद्धार्थ रूंगटा (अध्यक्ष, रूंगटा समूह), निवृति राय (प्रबंध निदेशक, इन्वेस्ट इंडिया), सुंदर रमन (उपाध्यक्ष, टाटा स्टील) तथा देवयानी खंखोजे (प्रेसिडेंट–कॉरपोरेट अफेयर्स, वरुण बेवरेजेज लिमिटेड) ने अपने विचार प्रस्तुत किए तथा झारखंड में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और नीति सुधारों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि सरकार, उद्योग जगत और अन्य सभी हितधारक मिलकर झारखंड को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए समन्वित प्रयास करेंगे। परिचर्चा से प्राप्त सुझाव राज्य की दीर्घकालिक औद्योगिक विकास नीति को नई दिशा देंगे और विकसित भारत की यात्रा में झारखंड की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएंगे।

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, मंत्री श्री इरफान अंसारी तथा मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग जगत के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : झारखंड को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने की रणनीति पर मंथन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर सरकार का विशेष फोकस राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : झारखंड को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने की रणनीति पर मंथन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर सरकार का विशेष फोकस Reviewed by PSA Live News on 10:37:00 pm Rating: 5

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