जगन्नाथपुर रथ मेला को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से लेकर भीड़ प्रबंधन तक हर व्यवस्था होगी चाक-चौबंद : उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री
14 जुलाई को होगा मेला परिसर का अंतिम निरीक्षण, सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी पूरी करने का निर्देश
रांची। राजधानी रांची के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले जगन्नाथपुर रथ मेला के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, विद्युत, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, पेयजल, अग्निशमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जगन्नाथपुर रथ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रांची की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन और रथयात्रा में शामिल होने पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, सहायक समाहर्ता आस्था शरण, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) धनंजय, नजारत उप समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार, आवासीय दंडाधिकारी हटिया स्मृति कुमारी, अंचल अधिकारी नामकुम कमल किशोर, डीएसपी हटिया, संबंधित थाना प्रभारी, मंदिर समिति एवं न्यास समिति के प्रतिनिधि तथा मेला बंदोबस्ती संवेदक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मेला परिसर के सभी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा उनकी सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक व्यवस्था तथा पुलिस बल की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पहले से ही व्यापक योजना तैयार की जाए।
रथ, पंडाल और मंच की होगी तकनीकी जांच
बैठक में निर्णय लिया गया कि मेला परिसर में तैयार किए जा रहे रथ, पंडाल, मंच एवं पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम का संबंधित सक्षम प्राधिकार से सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाएगा। बिना तकनीकी जांच एवं प्रमाणन के किसी भी संरचना का उपयोग नहीं किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
निर्बाध बिजली और वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
उपायुक्त ने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की नियमित जांच की जाए तथा विद्युत सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त क्षमता वाले वैकल्पिक जेनरेटर भी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
बारिश और वज्रपात से निपटने की रहेगी पूरी तैयारी
मानसून के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने संभावित बारिश एवं वज्रपात की स्थिति में विशेष तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार रहे तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्ययोजना लागू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
चिकित्सा, अग्निशमन और स्वच्छता की होगी विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, चिकित्सकीय दल, प्राथमिक उपचार केंद्र, दवाइयों की उपलब्धता तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अग्निशमन विभाग को आवश्यक उपकरणों एवं दमकल वाहनों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया। साथ ही स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, अस्थायी शौचालय एवं कचरा निष्पादन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
पार्किंग, यातायात और खोया-पाया केंद्र पर रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने, पर्याप्त पार्किंग स्थल विकसित करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र, नियंत्रण कक्ष, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। संभावित विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग, आवागमन एवं प्रोटोकॉल संबंधी सभी तैयारियां भी समय से पूरी करने पर जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं और दुकानदारों के साथ हो सम्मानजनक व्यवहार
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला संचालन एवं बंदोबस्ती के दौरान किसी भी श्रद्धालु, दुकानदार अथवा आम नागरिक के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। सभी विभाग, एजेंसियां एवं संवेदक सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करें ताकि श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
14 जुलाई को होगा अंतिम निरीक्षण
बैठक के अंत में उपायुक्त ने बताया कि 14 जुलाई 2026 की संध्या को स्वयं मेला परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सभी विभागों द्वारा की गई तैयारियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा तथा जहां आवश्यकता होगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्थित आयोजन ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करें ताकि इस वर्ष का जगन्नाथपुर रथ मेला पूरी गरिमा, सुरक्षा और सफल व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हो तथा रांची की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक गौरव मिले।
Reviewed by PSA Live News
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8:44:00 pm
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