विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लापरवाही पर प्रशासन सख्त: BLO और सुपरवाइजर पर होगी निलंबन से लेकर कानूनी कार्रवाई, उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री का दोटूक संदेश
रांची। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान को लेकर रांची जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी BLO (Booth Level Officer) अथवा BLO सुपरवाइजर अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध निलंबन, विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया। बैठक में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी (AERO), जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है तथा कुछ BLO और सुपरवाइजरों द्वारा निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। ऐसे कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। यदि मतदाता सूची में त्रुटियां रह जाती हैं तो इसका सीधा प्रभाव चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर पड़ता है। इसलिए प्रत्येक BLO और उससे जुड़े सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचें, उन्हें गणना प्रपत्र (Enumeration Form) उपलब्ध कराएं, भरे हुए प्रपत्र समय पर प्राप्त करें तथा उनका शीघ्र डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करें।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं। किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
बैठक में शहरी क्षेत्रों की प्रगति पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्र के सभी BLO गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन की गति में तत्काल सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि केवल फॉर्म वितरित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सही ढंग से भरवाकर वापस प्राप्त करना तथा डिजिटल प्रणाली में अपलोड करना भी उतना ही आवश्यक है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों, BLO सुपरवाइजरों और निर्वाचन शाखा के अधिकारियों को BLO का हरसंभव सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 14 जुलाई 2026 को जिले के सभी बूथों पर BLO एवं BLO-2 की बैठक सह चुनावी पाठशाला आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मचारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, तकनीकी कार्यप्रणाली तथा डिजिटाइजेशन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हो सके।
रांची जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 15,69,153 Enumeration Form का वितरण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 58.67 प्रतिशत है। वहीं 3,49,404 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 13.06 प्रतिशत है। प्रशासन का मानना है कि फॉर्म वितरण की तुलना में डिजिटाइजेशन की गति अभी काफी धीमी है, जिसे तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता है।
यदि विधानसभावार प्रगति पर नजर डालें तो तमाड़ विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे है, जहां 79.74 प्रतिशत प्रपत्रों का वितरण हो चुका है। इसके बाद सिल्ली में 79.34 प्रतिशत, मांडर में 68.72 प्रतिशत, खिजरी में 67.93 प्रतिशत तथा कांके में 62.75 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दे रही है। रांची विधानसभा में केवल 37.77 प्रतिशत तथा हटिया विधानसभा में 39.26 प्रतिशत फॉर्म ही वितरित हो सके हैं, जिसे लेकर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की।
डिजिटाइजेशन की स्थिति भी इसी प्रकार असंतोषजनक पाई गई। सिल्ली में 19.99 प्रतिशत, मांडर में 18.72 प्रतिशत, तमाड़ में 18.08 प्रतिशत, खिजरी में 17.29 प्रतिशत, कांके में 10.28 प्रतिशत, हटिया में 9.54 प्रतिशत तथा रांची विधानसभा में मात्र 4.96 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज किए जा सके हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डिजिटाइजेशन कार्य में अतिरिक्त मानव संसाधन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराकर इसकी गति कई गुना बढ़ाई जाए।
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने जिले के सभी मतदाताओं से भी महत्वपूर्ण अपील की। प्रशासन ने कहा कि जिन मतदाताओं को उनका Enumeration Form प्राप्त हो चुका है, वे उसे सही एवं पूर्ण रूप से भरकर बिना विलंब अपने संबंधित BLO के पास जमा करें। विशेष रूप से रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अनुरोध किया गया कि वे इस अभियान को गंभीरता से लें तथा अपने परिवार, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी समय पर फॉर्म भरने और जमा करने के लिए प्रेरित करें।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप में दर्ज होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसलिए सभी निर्वाचन अधिकारियों, BLO, सुपरवाइजरों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
उन्होंने अंत में सभी ERO को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन प्रगति की निगरानी करें तथा जो भी कर्मचारी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही बरत रहा है, उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने दोहराया कि निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
रांची जिला प्रशासन का यह सख्त रुख स्पष्ट संकेत देता है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के मूड में है। BLO से लेकर पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों तक सभी की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सके।
Reviewed by PSA Live News
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9:24:00 pm
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