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संदीप विश्वविद्यालय में विधि के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित अध्ययन एवं विधि क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर के लिए किया प्रेरित


संवाददाता — सुजीत कुमार मिश्र

     मधुबनी  । संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल, मधुबनी के स्कूल ऑफ लॉ की ओर से बुधवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का आयोजन विश्वविद्यालय के नेना झा ऑडिटोरियम में दो सत्रों में किया गया। कार्यक्रम में एल.एल.बी., बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स) एवं बी.बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स) के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

 


   कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय की छात्राओं मोनिका, साक्षी एवं अल्फीनिशा ने मनोहारी स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का अभिनंदन किया।

 


   प्रथम सत्र में स्कूल ऑफ लॉ के एसोसिएट डीन डॉ. अंकित कुमार ने स्वागत अभिभाषण प्रस्तुत करते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि न्याय, संविधान एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व को समझने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से विधिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने विद्यार्थी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

 


   IQAC के निदेशक डॉ. अमरेंद्र कुमार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन एवं सतत् अधिगम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों एवं अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता-आधारित शिक्षा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

      डीन एकेडमिक्स डॉ. अजय कुमार ने अकादमिक अनुशासन एवं नियमित अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमीय ज्ञान के साथ चिंतनशील, उत्तरदायी एवं सक्षम नागरिक बनने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय-प्रबंधन, नियमित कक्षा-अध्ययन तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

     ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर (TPO) श्री सूरज झा ने करियर निर्माण के लिए आवश्यक कौशलों की जानकारी देते हुए कहा कि विधि के विद्यार्थियों के लिए विषयगत ज्ञान के साथ संप्रेषण-कौशल, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण क्षमता एवं व्यावहारिक दक्षता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रारंभिक चरण से ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

     कुलसचिव डॉ. नौशेरवाँ रौनक़ ने विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि विधि का क्षेत्र समाज में न्याय, अधिकार एवं उत्तरदायित्व की स्थापना से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए विधि के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

     परीक्षा नियंत्रक डॉ. शैलेंद्र झा ने परीक्षा प्रणाली, अकादमिक नियमों एवं निरंतर अध्ययन के महत्व की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने तथा परीक्षा संबंधी नियमों एवं निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन एवं समयबद्ध तैयारी ही शैक्षणिक सफलता का प्रमुख आधार है।

विभाग की डॉ. सोनी कुमारी, सहायक प्राध्यापिका अर्चिता झा, शाइस्ता परवीन, नंदनी कुमारी एवं रोहण शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, परीक्षा प्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं एवं विधि क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न संभावनाओं से परिचित कराया।

प्रथम सत्र के अंत में स्कूल ऑफ लॉ के विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु राज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

     द्वितीय सत्र में सहायक अध्यापिका शाइस्ता परवीन ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को स्कूल ऑफ लॉ की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, विभागीय गतिविधियों, विश्वविद्यालय के नियमों, उपलब्ध सुविधाओं एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में सहभागिता, अनुशासन के पालन तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

     कार्यक्रम के दौरान विधि शिक्षा को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को मूट कोर्ट, विधिक वाद-विवाद, लीगल एड कैंप, अतिथि व्याख्यान एवं इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक एवं कौशलपरक अधिगम के महत्व से अवगत कराया गया।

     कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मीडिया कमेटी से जुड़े विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन एवं मीडिया कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। मंच संचालन शाक्षी प्रिया, अल्फीनिशा एवं रिफत अनवर ने प्रभावी ढंग से किया।

     समग्र रूप से ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संदीप विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, स्कूल ऑफ लॉ की कार्यप्रणाली तथा विधि शिक्षा के व्यापक आयामों से परिचित कराने के साथ उनके आगामी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन के लिए सकारात्मक दिशा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर मंच संचालक ने कार्यक्रमाध्यक्ष के निर्देशानुसार कार्यक्रम के विधिवत समापन की घोषणा की।

संदीप विश्वविद्यालय में विधि के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित संदीप विश्वविद्यालय में विधि के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित Reviewed by PSA Live News on 11:35:00 pm Rating: 5

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