ऋषिका, सुनील और प्रतिमा तिर्की ने जीते स्वर्ण पदक, 115 दिव्यांग खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
रांची। समावेशी समाज के निर्माण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलना जरूरी है। दिव्यांगजनों की अक्षमता को प्राथमिकता देने के बजाय उनकी क्षमता और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उचित अवसर मिलने पर दिव्यांगजन भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से बार-बार यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी शारीरिक अक्षमता की मोहताज नहीं होती।
ये बातें सीसीएल के सीसी एंड पीआर श्री आलोक कुमार ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कहीं। वे डिसेबल स्पोर्ट्स एवं जन उत्थान समिति तथा पारा वुडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में रांची के कांके रोड स्थित गांधीनगर फुटबॉल ग्राउंड, सीसीएल प्रांगण में भारत में पहली बार आयोजित पारा वुडबॉल प्रतियोगिता के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
पहली बार आयोजित हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता
भारत में पहली बार आयोजित इस पारा वुडबॉल प्रतियोगिता में दिव्यांग खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अस्थि दिव्यांगता, श्रवण (मूक-बधिर) दिव्यांगता एवं बौद्धिक दिव्यांगता के अलग-अलग वर्ग बनाए गए थे। विभिन्न वर्गों में कुल 115 दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन सीसीएल के प्रबंधक (खेल) श्री आदिल हुसैन एवं प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री वेलफ्रेड मानिक लकड़ा ने संयुक्त रूप से किया।
खिलाड़ियों ने जीते पदक
बौद्धिक दिव्यांगता वर्ग में ऋषिका कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। आदित्य महतो ने रजत और पीयूष महतो ने कांस्य पदक हासिल किया।
अस्थि दिव्यांगता महिला वर्ग में प्रतिमा तिर्की ने स्वर्ण पदक जीता। रेणु कुमारी ने रजत तथा अनीता तिर्की ने कांस्य पदक हासिल किया।
अस्थि दिव्यांगता पुरुष वर्ग में प्रमोद कुमार ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि बिपिन प्रजापति ने रजत और मनोज महतो ने कांस्य पदक जीता।
वहीं श्रवण दिव्यांगता वर्ग में सुनील कुमार साहू ने स्वर्ण पदक, राकेश कुमार ने रजत और रणजीत कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि अवसर और मंच मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. श्वेता तिवारी, डॉ. प्रवीण कुमार, अनुपमा रानी गौतम (कोषाध्यक्ष, लोक मंगलम सोसायटी), संतोष कुमार (संपादक, रांची लाइफस्टाइल मैगजीन), कुमार गौरव (सचिव, पैरालंपिक कमिटी ऑफ झारखंड), सरिता झा (ज्वाइंट सेक्रेटरी, पारा वुडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया), समाजसेवी जगदीश सिंह जग्गू, डॉ. मेघा रानी, श्रीमती शोभा अग्रवाल (अध्यक्ष, मारवाड़ी युवा मंच समर्पण शाखा), पतरस तिर्की, प्राची कुमारी, डॉ. मेधा, दीपा चौधरी एवं गुंजन गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के आयोजन में सीसीएल, लोक मंगलम सोसाइटी, ज्योति जल एवं झारक्राफ्ट की ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान
प्रतियोगिता को सफल बनाने में पारा वुडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव मुकेश कंचन, झारखंड पैरालंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता, डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एवं जन उत्थान समिति की सचिव सरिता सिन्हा सहित विपुल सेन गुप्ता, पवन लकड़ा एवं संस्था के अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजकों ने कहा कि पारा वुडबॉल प्रतियोगिता का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। भारत में पहली बार इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल के नए अवसरों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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10:46:00 pm
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