ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण का संदेश
संवाददाता — सुजीत कुमार मिश्र
सिजौल, मधुबनी। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल, मधुबनी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। सुबह से दोपहर तक चले इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह को दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़े संबोधन हुए, जबकि द्वितीय सत्र में दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों की विविध प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को देशभक्ति, संस्कृति और उत्साह के रंग में रंग दिया।
ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ राष्ट्रभक्ति का कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस समारोह के प्रथम सत्र का आयोजन संदीप फाउंडेशन श्रीराम पॉलिटेक्निक के प्रांजल प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत तथा मंच संचालन विश्वविद्यालय के प्राध्यापक सुजीत कुमार मिश्र ने किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार द्विवेदी, कुलसचिव डॉ. नौशेरवाँ रौनक, संदीप फाउंडेशन श्रीराम पॉलिटेक्निक के प्राचार्य प्रो. चंद्र प्रकाश, शिक्षाविद् एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक तथा भूतपूर्व मुखिया श्री विष्णु देव चौधरी, भू-अर्जन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक श्री महेश्वर प्रसाद सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तिरंगा लहराते ही पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से भर उठा। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन किया। राष्ट्रगान के पश्चात मंच संचालक सुजीत कुमार मिश्र ने भावपूर्ण ढंग से ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण देशभक्ति के भाव से सराबोर हो गया।
युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
ध्वजारोहण के बाद विचार-वक्तव्य का क्रम शुरू हुआ। संदीप फाउंडेशन श्रीराम पॉलिटेक्निक के प्राचार्य प्रो. चंद्र प्रकाश ने स्वागत भाषण में स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता महान संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के विकास में अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।
शिक्षाविद् एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक श्री विष्णु देव चौधरी ने स्वतंत्रता के मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
भू-अर्जन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक श्री महेश्वर प्रसाद सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार द्विवेदी ने स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ, नागरिक कर्तव्यों और युवाओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में देश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें ज्ञान के साथ चरित्र, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास आवश्यक है।
प्रथम सत्र के अंत में सुजीत कुमार मिश्र ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज
स्वतंत्रता दिवस समारोह का द्वितीय सत्र श्री नैना झा ऑडिटोरियम हॉल, बी.एड. बिल्डिंग में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन ने ज्ञान, संस्कृति, सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम के संदेश को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त किया।
द्वितीय सत्र का मंच संचालन विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं आदित्य राज सिंह, प्रियंका जायसवाल, सुयश प्रत्यूष एवं श्रद्धा मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद शैली के साथ कार्यक्रम का संचालन करते हुए समारोह को आकर्षक बनाए रखा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्राओं महारानी कुमारी, पार्वती कुमारी, रानी कुमारी एवं प्रियंका कुमारी ने मनोहारी स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्वागत गीत के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
हिंदी, अंग्रेजी और मैथिली में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी, अंग्रेजी एवं मैथिली भाषाओं में भाषण, देशभक्ति गीत, संगीत, नृत्य तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान की भावपूर्ण झलक देखने को मिली।
विद्यार्थियों की आकर्षक एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और दर्शकों का मन मोह लिया। सभागार लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कई प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने देश की विविधता में एकता और युवा शक्ति के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर संदीप फाउंडेशन श्रीराम पॉलिटेक्निक, संदीप विश्वविद्यालय तथा श्री सीतानंद झा आईटीआई के छात्र-छात्राओं ने भी संयुक्त रूप से सहभागिता की। तीनों संस्थानों के विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने समारोह को और अधिक व्यापक एवं जीवंत बना दिया।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
समारोह के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के छात्र स्वयंसेवक पूरे अनुशासन और सक्रियता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में उन्होंने सक्रिय सहयोग दिया और कार्यक्रम को सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संचालित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की उपस्थिति ने भी समारोह की गरिमा बढ़ाई। विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
स्वतंत्रता अधिकार के साथ कर्तव्य का भी बोध कराती है
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार प्राप्त करने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन का भी संदेश देती है। आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं। इसलिए उन्हें शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित की भावना को आत्मसात करना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील, आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में अपना सार्थक योगदान दे सकें।
डॉ. अभिषेक ठाकुर और सुजीत कुमार मिश्र के समन्वय की रही महत्वपूर्ण भूमिका
समारोह की सफलता में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अभिषेक ठाकुर एवं प्रोफेसर सुजीत कुमार मिश्र की देखरेख और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समन्वय में विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों ने उत्साह और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नौशेरवाँ रौनक ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों, विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ उन्हें भविष्य के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
धन्यवाद ज्ञापन के बाद मंच संचालक ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमापूर्ण समापन की घोषणा की।
राष्ट्रभक्ति और प्रतिभा का यादगार संगम
संदीप विश्वविद्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ध्वजारोहण से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सांस्कृतिक विविधता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर संगम बनकर सामने आया। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज, देशभक्ति गीतों की मधुरता, प्रेरणादायी संबोधनों और विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि देश का उज्ज्वल भविष्य शिक्षित, अनुशासित, जिम्मेदार और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित युवा शक्ति के हाथों में है।
Reviewed by PSA Live News
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8:20:00 am
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