राँची : नगर के दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर( तिरुपति बालाजी) मंदिर में 28 अगस्त शुक्रवार को श्रावण मास के पूर्णिमा तिथि को लेकर वर्ष के महत्वपूर्ण पर्व श्रावणी उपाकर्म सहित पवित्रारोपणम् पूरे विधि-विधान के साथ किया गया । इस उपलक्ष्य में ब्रह्माण्डाधिपति श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के मुखोल्लाष के लिये तिरूमंजनानुष्ठान का भव्य आयोजन हुआ । इस अनुष्ठान में भाँति-भाँति प्रकार से पूजोपचार के बाद दूध,दधि आदि अनेकों औषधीय द्रव्यों से महाभिषेक कराया गया । अभिषेक संपन्न कर वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत करके पोंगल, खीर ,फल और मेवा का बाल भोग निवेदन हुआ तथा क्रमानुसार नक्षत्र, कुंभ और कपूर से आरती की गयी ।
श्रीविष्णु वेंकटेश्वर का पवित्रारोपण करने से वर्ष भर की पूजा संपन्न हो जाती है ।
सभी पवित्रकों को कपूर, केसर, चंदन और हल्दी में रंगकर मंत्रों से देवों को अधिवासित कराया और पुनः-पुनः पूजा किया गया । फिर पवित्रकों में ब्रह्मा विष्णु और रुद्र को सन्निधीकरण कराया । पवित्रक अर्थात् जनेऊ के तीन सूत्रों के ये देवता हैं । जनेऊ में दस ग्रंथियों की क्रिया, पौरूषी , वीरा , अपराजिता, जया, विजया, मुक्तिदा, सदाशिवा मनोन्मनी और सर्वतोमुखी ये दस अधिष्ठात्री देवियां हैं । इन सबों का सूत्रों में आवाहन किया गया और गंध, धूप, दीप नैवेद्य आदि निवेदन करके षोडषोपचार विधि से पवित्रक के देवताओं का पूजन किया गया । फिर नमस्कार मुद्रा के द्वारा अभिमंत्रित करके महान देवता भगवान् श्रीवेंकटेश्वर का लक्ष्मी सहित पार्षद, लोकपाल और परिचारको के साथ विधि से जनेऊ धारण कराया । फिर मंदिर के अर्चक और यजमान को पूजित किया हुआ जनेऊ धारण कराया तथा चिरचिरा के डाल को सीर के ऊपर तीन बार मंत्रों सहित घूमाकर उपाकर्म क्रिया किया गया ।
आज महाभिषेक के यजमान श्री प्रदीप कुमार नरसरिया धर्मपत्नी श्रीमती उमा देवी नरसरिया रांची निवासी हुए । पवित्रारोपणम् अनुष्ठान में यजमान के रूप में मंदिर संचालन समिति की कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नरसरिया के द्वारा संकल्प कराकर अनुष्ठान के सभी क्रिया को संपादित किया गया।
Reviewed by PSA Live News
on
11:46:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: