मौत के बाद भी फार्मेसी बिलिंग जारी रहने का आरोप, दो घंटे में 200 इंजेक्शन दिए जाने के दावे की भी जांच की मांग
रांची। लालपुर स्थित ऑर्किड अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने इलाज और बिलिंग व्यवस्था को लेकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि मरीज की रात करीब 2 बजे मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुबह करीब 5:30 बजे तक फार्मेसी से बिल बनाए जाते रहे। परिजनों ने इलाज के दौरान दवाओं और इंजेक्शनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाया। उनका दावा है कि करीब दो घंटे के भीतर लगभग 200 इंजेक्शन दिए जाने का रिकॉर्ड सामने आया, जिसकी सत्यता और चिकित्सकीय आवश्यकता की जांच की जानी चाहिए।
मामले को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। परिजनों ने इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, दवाओं की खपत, मेडिकल रिकॉर्ड और बिलिंग विवरण की जांच कराने की मांग की।
सिविल सर्जन ने भेजी तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम
मामले की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन ने तीन डॉक्टरों की टीम को अस्पताल भेजकर जांच कराई। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय दस्तावेजों, इलाज से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एफआईआर दर्ज नहीं करने का भी आरोप
परिजनों ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक इरफान अंसारी से भी हस्तक्षेप की अपील की है।
फिलहाल पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और जांच रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं। मरीज की मौत का वास्तविक कारण, उपचार की प्रक्रिया और मौत के बाद बिलिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।
Reviewed by PSA Live News
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7:49:00 pm
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