रांची। झारखंड पुलिस और कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने शुक्रवार को पूरे मामले में महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन समेत अन्य संगत धाराओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। गोड्डा जिला में विवाद सामने आने के बाद शुक्रवार को झारखंड पुलिस एसोसिएशन की आपात बैठक केंद्रीय कार्यालय में हुई।
बैठक में अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महामंत्री अक्षय राम, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर पांडेय, संयुक्त सचिव मो माहताब आलम, संगठन सचिव अंजनी कुमार शामिल हुए। बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस बात को लेकर चिंता जतायी कि महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह अपने क्षेत्र के थानेदारों को धमकाते रहती हैं साथ ही उनके काम में बाधा भी डालती हैं।
दीपिका पांडेय सिंह के द्वारा दबाव डालने के कारण पांच थानों के प्रभारी व सारे कर्मियों ने अन्यत्र ट्रांसफर करने का आवेदन गोड्डा एसपी शैलेंद्र वर्णवाल को दिया था।
बैठक में अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महामंत्री अक्षय राम, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर पांडेय, संयुक्त सचिव मो माहताब आलम, संगठन सचिव अंजनी कुमार शामिल हुए। बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस बात को लेकर चिंता जतायी कि महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह अपने क्षेत्र के थानेदारों को धमकाते रहती हैं साथ ही उनके काम में बाधा भी डालती हैं।
दीपिका पांडेय सिंह के द्वारा दबाव डालने के कारण पांच थानों के प्रभारी व सारे कर्मियों ने अन्यत्र ट्रांसफर करने का आवेदन गोड्डा एसपी शैलेंद्र वर्णवाल को दिया था।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले को लेकर डीजीपी एमवी राव से मिलने भी गया था। लेकिन प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात डीजीपी से नहीं हो पायी। एसोसिएशन ने पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष, प्रभारी गृह सचिव व डीजीपी को पत्र भेजा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि थानेदारों द्वारा विधायक पर लगाए गए आरोप की उच्चस्तरीय जांच हो, साथ ही पूरे मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को लिखे पत्र में एसोसिएशन के सदस्यों ने लिखा है कि विधायक के मामले में जांच हो, ताकि संवैधानिक संस्थानों की मर्यादा बनी रहे। एसोसिएशन ने लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान विधायक ने कानून के खिलाफ जाकर धरना दिया जो कि संज्ञेय अपराध है। ऐसे में उनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने यह भी तय किया हैकि मांगे नहीं मानी गईं तो लॉकडाउन के बाद राज्य भर में रणनीति तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में विवाद होने के बाद गोड्डा एसपी शैलेंद्र वर्णवाल ने एक ही दिन में महगामा के तात्कालिन थानेदार बलराम रावत को निलंबन मुक्त कर दिया। गौरतलब है कि महागामा विधायक के द्वारा पत्रकार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर सारा विवाद हुआ था। महगामा थानेदार ने पूरे मामले में वरीय अधिकारियों से बात कर एफआईआर दर्ज करने की बात विधायक को कही थी। जिसके बाद विधायक थानेदार के निलंबन पर अड़ गई थीं। विधायक के द्वारा धरना दिए जाने के बाद गोड्डा एसपी ने थानेदार को निलंबित किर दिया था। निलंबन के बाद पांच अन्य थानेदारों व थाने के कर्मियों ने महगामा विधानसभा क्षेत्र से अन्य थाना क्षेत्रों में तबादले की गुजारिश गोड्डा एसपी से की थी।
विधायक दीपिका के खिलाफ एसोसिशन ने खोला मोर्चा, एफआईआर दर्ज करने की मांग
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