दिनांक 07 जनवरी 2021
⛅ दिन - गुरुवार
⛅ विक्रम संवत - 2077
⛅ शक संवत - 1942
⛅ अयन - दक्षिणायन
⛅ ऋतु - शिशिर
⛅ मास - पौष
⛅ पक्ष - कृष्ण
⛅ तिथि - नवमी रात्रि 11:57 तक तत्पश्चात दशमी
⛅ नक्षत्र - चित्रा शाम 03:46 तक तत्पश्चात स्वाती
⛅ योग - सुकर्मा रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात धृति
⛅ राहुकाल - दोपहर 02:07 से शाम 03:29 तक
⛅ सूर्योदय - 06:18
⛅ सूर्यास्त - 17:36
⛅ दिशाशूल - दक्षिण दिशा में
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
💥 विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌷 कार्य सिद्धि के लिए 🌷
“ॐ गं गणपतये नमः”
🙏🏻 हर कार्य शुरु करने से पहले इस मंत्र का 108 बार जप करें, कार्य सिद्ध होगा ।
🌷 इलायची 🌷
➡ इलायची औषधीय रूप से अति महत्त्वपूर्ण है | यह दो प्रकार की होती है – छोटी व बड़ी |
➡ छोटी इलायची : यह सुंगधित, जठराग्निवर्धक, शीतल, मूत्रल, वातहर, उत्तेजक व पाचक होती है | इसका प्रयोग खाँसी, अजीर्ण, अतिसार, बवासीर, पेटदर्द, श्वास ( दमा ) तथा दाहयुक्त तकलीफों में किया जाता है |
💊 औषधीय प्रयोग 💊
👉🏻 - अधिक केले खाने से हुई बदहजमी एक इलायची खाने से दूर हो जाती है |
👉🏻 - धूप में जाते समय तथा यात्रा में जी मचलाने पर एक इलायची मुँह में डाल दें |
👉🏻 - १ कप पानी में १ ग्राम इलायची चूर्ण डालके ५ मिनट तक उबालें | इसे छानकर एक चम्मच शक्कर मिलायें | २ – २ चम्मच यह पानी २ – २ घंटे के अंतर लेने से जी – मचलाना, उबकाई आना, उल्टी आदि में लाभ होता है |
👉🏻 - छिलके सहित छोटी इलायची तथा मिश्री समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनालें | चुटकीभर चूर्ण को १ -१ घंटे के अंतर से चूसने से सूखी खाँसी में लाभ होता है | कफ पिघलकर निकल जाता है |
👉🏻 - रात को भिगोये २ बादाम सुबह छिलके उतारकर घिसलें | इसमें १ ग्राम इलायची चूर्ण, आधा ग्राम जावित्री चूर्ण, १ चम्मच मक्खन तथा आधा चम्मच मिश्री मिलाकर खाली पेट खाने से वीर्य पुष्ट व गाढ़ा होता है |
👉🏻 - आधा से १ ग्राम इलायची चूर्ण का आँवले के रस या चूर्ण के साथ सेवन करने से पेशाब और हाथ-पैरों की जलन दूर होती है |
👉🏻 - आधा ग्राम इलायची दाने का चूर्ण और १-२ ग्राम पीपरामूल चूर्ण को घी के साथ रोज सुबह चाटने से ह्रदयरोग में लाभ होता है |
👉🏻 - छिलके सहित १ इलायची को आग में जलाकर राख कर लें | इस राख को शहद मिलाकर चाटने से उलटी में लाभ होता है |
👉🏻 - १ ग्राम इलायची दाने का चूर्ण दूध के साथ लेने से पेशाब खुलकर आती है एवं मूत्रमार्ग की जलन शांत होती है |
💥 सावधानी : रात को इलायची न खायें, इससे खट्टी डकारें आती है | इसके अधिक सेवन से गर्भपात होने की भी सम्भावना रहती है |
Reviewed by PSA Live News
on
11:16:00 am
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