दिन - रविवार
⛅ विक्रम संवत - 2077
⛅ शक संवत - 1942
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - शिशिर
⛅ मास - माघ
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ तिथि - तृतीया 15 फरवरी रात्रि 01:58 तक तत्पश्चात चतुर्थी
⛅ नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद शाम 04:33 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद
⛅ योग - सिद्ध 15 फरवरी रात्रि 01:13 तक तत्पश्चात साध्य
⛅ राहुकाल - शाम 05:10 से शाम 06:36 तक
⛅ सूर्योदय - 06:10
⛅ सूर्यास्त - 17:35
⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण - मातृ-पितृ पूजन दिवस
💥 विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 रविवार के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
💥 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
💥 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
💥 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
🌷 कार्य में विजयप्राप्ति हेतु 🌷
👉🏻 कार्य में विजयप्राप्ति हेतु नियमितरूप से संध्या के समय पीपल के नीचे मिट्टी का घी से भरा दीपक लगाने तथा कुछ देर गुरुमंत्र या भगवन्नाम का जप करके थोड़ी देर शांत बैठने से अभीष्ट सिद्धि होती है | (दीपक ६ घंटे पानी में भिगोकर रखें, फिर उपयोग करें ताकि घी न सोखें |)
🌷 'मातृ–पितृ पूजन दिवस’ ज्योतिष की दृष्टि से
🙏🏻 अपने माता पिता का आदर करते और वेलेंटाईन डे का कचरा दिमाग में न रखें .....कि ये लोग मानते हैं तो हम भी मनाये... नहीं !! अपने माता पिता का पूजन करें.... बापूजी ने सहज में ऐसी सुन्दर सीख दी । हर साल जो 14 फरवरी को वेलेंटाईन डे मनाते हैं न ....मूर्ख लोग.... पर
🙏🏻 14 फरवरी के दिन अधिकांशतः सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें है । बिलकुल कोई पंडित इसको नकार नहीं सकता, लगभग अधिकांश 14 फरवरी को सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें हैं और कुम्भ राशि के स्वामी कौन हैं ? शनि देव । कुम्भ राशि के स्वामी शनि, शनि देव सूर्य भगवान के बेटे हैं । तो वो अपने पिता का खूब आदर करते और पिता की परिक्रमा करते हैं । तो जो 14 फरवरी के दिन वेलेंटाईन डे मनाते हैं न उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों नाराज़ होतें है भयंकर और 14 फरवरी के दिन बापूजी के कहे अनुसार जो माता पिता का पूजन करते हैं उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों खुश होते हैं .... क्यो कि उस दिन शनि देवता भी सूर्य भगवान की पूजा करते हैं और सूर्य भगवान की परिक्रमा करते हैं ।
🌷 नस-नाड़ियों की कमजोरी 🌷
💪🏻 नस-नाड़ियों की कमजोरी में १-३ ग्राम (जैसा अनुकूल हो) अश्वगंधा १० ग्राम पानी में उबाल के दूध में डाल दो और वो दूध पीने से बल आएगा ।
Reviewed by PSA Live News
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12:53:00 pm
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