रांची । रांची के सांसद संजय सेठ ने 25 जून काला दिवस को याद करते हुए उस आंदोलन जिस से घबराकर 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने देश भर में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था। आपातकाल देश के लिए एक काला धब्बा है आपातकाल के दौरान लाखों राजनीति कार्यकर्ताओं को प्रताड़ना दी गई ,और उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया , प्रेस की आजादी छीन ली गई अखबारों पर सेंसर शिप लगा दी गई, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगा दी गई भारत के कई बड़े नेता जयप्रकाश नारायण मोरारजी देसाई अटल बिहारी बाजपेई लालकृष्ण आडवाणी सहित अखबारों के वरिष्ठ संपादक संघ के हजारों स्वयंसेवक सहित लाखों लोगों को जेल में डालकर 19 महीनों तक यातना दी गई ।
सविधान में असवैधानिक संशोधन किया गया सभी विपक्ष के राजनीतिक दलो की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर जबरन नसबंदी लोगों का किया जाने लगा सौंदर्यकरण के नाम पर लाखों गरीबों के घर उजाड़ गए पूरे आपातकाल के दौरान देशवासियों पर तरह-तरह के अत्याचार किए गए मानवाधिकार का खुलकर हनन किया गया स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे कलंकित करने वाला यह दिन था इसलिए 25 जून की तारीख एक काला अध्याय के रूप में हम मनाते हैं जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता।
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11:46:00 pm
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